Haryana cabinet meeting: Big decision: Interest of allottees waived, government will collect only the principal amount: (हरियाणा कैबिनेट का बड़ा फैसला) राज्य के आवंटियों के लिए राहत की खबर लेकर आया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि अब हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आवंटियों से केवल मूल राशि ही वसूली जाएगी, जबकि ब्याज और जुर्माना पूरी तरह माफ कर दिया गया है। (interest waiver decision) से हजारों आवंटियों को आर्थिक राहत मिलेगी।
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में नो ड्यूज सर्टिफिकेट (NDC) या कन्वेयंस डीड पहले ही जारी हो चुकी है, उनमें केवल उस तारीख तक की मूल राशि ही वसूली जाएगी। पीपीएम सॉफ्टवेयर में दिख रही अतिरिक्त राशि को अब नहीं लिया जाएगा। यह फैसला (Haryana cabinet meeting) में सर्वसम्मति से लिया गया।
एक महीने की मोहलत, फिर रद्द होंगे NDC और NOC Haryana cabinet meeting
कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि आवंटियों को बकाया मूल राशि जमा करने के लिए नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख से एक महीने का समय दिया जाएगा। यदि निर्धारित समय में राशि जमा नहीं की गई, तो विपणन बोर्ड के नियमों के अनुसार NDC और NOC रद्द कर दिए जाएंगे। यह कदम (government relief to allottees) के तहत पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
इस नीति से उन आवंटियों को भी राहत मिलेगी जो लंबे समय से ब्याज और जुर्माने के कारण परेशान थे। अब उन्हें सिर्फ मूल राशि चुकानी होगी, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
पंचकूला के लिए नई नीति: 7% ब्याज के साथ मुआवजा
पंचकूला के सेक्टर-20 में स्थित एग्रो मॉल की दुकानों और दफ्तरों के लिए भी नई नीति लागू की गई है। यहां 2.65 एकड़ जमीन पर कुल 136 यूनिट्स हैं। सरकार ने तय किया है कि यदि कब्जा देने में देरी होती है, तो आवंटी को जमा राशि पर 7% वार्षिक ब्याज के साथ मुआवजा मिलेगा। वहीं, जो आवंटी साइट नहीं रखना चाहते, उन्हें भी 7% ब्याज सहित राशि वापस की जाएगी।
यह नीति (Panchkula allotment policy) लंबित मुकदमों और बकाया राशि के स्थायी समाधान के लिए बनाई गई है। इससे न केवल आवंटियों को राहत मिलेगी, बल्कि सरकारी प्रक्रियाओं में भी तेजी आएगी।













