Haryana CET Correction चंडीगढ़ | हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के CET-2025 के करेक्शन पोर्टल पर फिर केस हो गया है। नई याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी 2026 तय की गई है। करेक्शन पोर्टल से जुड़ी पुरानी याचिका के साथ नई याचिका की सुनवाई होगी।
7 नवंबर को हुई सुनवाई Haryana CET Correction
CET-2025 के 38 अभ्यर्थियों ने नई याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ताओं के वकील सार्थक गुप्ता ने बताया कि नई याचिका पर 07 नवंबर 2025 को सुनवाई हुई। अदालत ने अंतरिम आदेश पारित किया है। याचिकाकर्ताओं ने कहा है, ‘याचिकाकर्ता विभिन्न आरक्षित श्रेणियों (BCA, BCB, EWS, SC) से हैं।
विज्ञापन संख्या 01/2025 दिनांक 26.05.2025 के मुताबिक सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) 2025 (ग्रुप सी पद) के लिए इच्छुक हैं, उन्हें रिजर्वेशन लाभ देने से मना करने और वास्तविक रिजर्व्ड कैटिगरी में विचार न करने की प्रतिवादियों की मनमानी और अवैध कार्रवाई को चुनौती दे रहे हैं।
आवेदन के लिए मिले थे इतने दिन
विज्ञापन में रिजर्वेशन सर्टिफिकेट अंतिम तिथि (14.06.2025 तक बढ़ाई गई) तक जमा करने का निर्देश था, जबकि BCA/BCB/EWS प्रमाणपत्र 01.04.2025 को या बाद जारी होने जरूरी थे। आवेदन की समय सीमा काफी कम थी। उम्मीदवारों को करीब 2.5 हफ्ते मिले थे। गंभीर तकनीकी गड़बड़ियों और सरल पोर्टल (प्रमाणपत्र के लिए) पर भारी भीड़ के कारण, याचिकाकर्ता अपने कंट्रोल से बाहर कारणों से समय पर नए सर्टिफिकेट नहीं ले पाए।
ऐसे में याचिकाकर्ताओं को पुराने प्रमाणपत्र अपलोड करने या सामान्य श्रेणी में आवेदन करना पड़ा। हालांकि कोर्ट ने CWP 17581/2025 (शीतल एवं अन्य बनाम हरियाणा राज्य) में हस्तक्षेप किया था, लेकिन दी गई राहत सीमित थी और उन अभ्यर्थियों की समस्या सुलझाने में कामयाब नहीं रही जो तकनीकी गड़बड़ियों से समय पर आवेदन नहीं कर पाए या पुराने प्रमाणपत्र अपलोड किए।
याचिकाकर्ताओं ने अब वैलिड सर्टिफिकेट हासिल कर लिए हैं। उनका कहना है कि राज्य की प्रशासनिक और तकनीकी विफलताओं से प्रक्रियागत कमियों के कारण रिजर्वेशन के मूल अधिकार को अस्वीकार नहीं किया जा सकता। एक केस का हवाला देकर वे वैध आरक्षित वर्ग में उम्मीदवारी विचारने के निर्देश और मुद्दे के समाधान तक परिणाम घोषणा पर रोक की मांग कर रहे हैं। याचिका में मुख्य सचिव और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) को प्रतिवादी बनाया गया है।












