Haryana electricity department: Haryana electricity department vacancies 18719, challenge due to huge shortage of staff amid increasing demand: हरियाणा बिजली विभाग रिक्त पद की नई रिपोर्ट ने राज्य की ऊर्जा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर हरियाणा सरकार बिजली पहुंचाने के मिशन में आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर इनफ्रास्ट्रक्चर संभालने वाले कर्मचारियों की भारी कमी से वितरण प्रणाली दबाव में आ चुकी है।
18719 पद खाली, स्टाफ पर बढ़ा दबाव Haryana electricity department
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) में कुल मिलाकर (40294 स्वीकृत पद) हैं।
लेकिन इनमें से मात्र 21575 पद ही वर्तमान में भरे हुए हैं। यानी (18719 पद रिक्त) हैं, जो विभाग की लगभग 46% क्षमता को बेजान बना रहे हैं। विशेष रूप से DHBVN में 22338 पदों में से केवल 11011 पर कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि UHBVN में 17956 स्वीकृत पदों में से 10564 पर ही नियुक्ति हुई है।
हरियाणा में बिजली की पहुंच बढ़ी, लेकिन चुनौती भी
प्रदेश में अब तक (8192187 बिजली कनेक्शन) दिए जा चुके हैं। इनमें से 78% से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं के हैं, और औद्योगिक व कृषि उपभोक्ताओं की संख्या भी लाखों में है।
(कुल कनेक्टेड लोड) की बात करें तो यह 3.93 करोड़ केडब्ल्यू तक पहुंच चुका है। इतने बड़े नेटवर्क को संभालने के लिए (तकनीकी दक्षता) और अनुभवी स्टाफ की जरूरत है, जो फिलहाल अधूरी नजर आ रही है।
मेंटेनेंस और बिलिंग प्रणाली पर दबाव
बढ़ती (बिजली डिमांड) और उपभोक्ताओं के वॉल्यूम में तेज़ इज़ाफा के बीच ट्रिपिंग समाधान, लाइन रखरखाव और (बिलिंग की सही व्यवस्था) सुनिश्चित करना चुनौती बनता जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द ही (रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया) शुरू नहीं हुई, तो तकनीकी गड़बड़ियां बढ़ सकती हैं और वितरण प्रणाली बाधित हो सकती है।













