Haryana electricity hike: Deepender Hooda said- an additional burden of 5000 crores has been put on the public: हरियाणा बिजली दर बढ़ोतरी विवाद इस समय प्रदेश की राजनीति का केंद्र बन गया है। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार की नीतियों को कठघरे में खड़ा करते हुए जनता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने का आरोप लगाया है।
बिजली दरों में बढ़ोतरी: जनता पर पड़ा भारी भार Haryana electricity hike
(दीपेंद्र हुड्डा बयान) के अनुसार, हाल ही में बढ़ी (हरियाणा बिजली दरें) से आम जनता पर लगभग (₹5000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ) पड़ा है। हुड्डा का कहना है कि सरकार चुनावों से पहले वायदे करती है लेकिन चुनावों के बाद आमजन पर आर्थिक दबाव बढ़ा देती है। उन्होंने इसे गरीब और मध्यम वर्ग के हितों पर सीधा प्रहार बताया।
बीपीएल कार्ड की राजनीति पर गंभीर सवाल
हुड्डा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार चुनाव से ठीक पहले लाखों लोगों को (बीपीएल कार्ड) जारी करती है, और बाद में लाभ उठाकर उन्हें रद्द कर देती है। उन्होंने (हरियाणा की तुलना अफ्रीकन गरीब देशों) से करते हुए कहा कि ऐसे में वे भी प्रभावित होते हैं जो वास्तव में पात्र हैं। यह प्रक्रिया गरीबी रेखा के नीचे जीवन बसर करने वालों के साथ अन्याय है।
रोहतक में व्यापारी निशाने पर, बुलडोजर कार्रवाई का विरोध
किला रोड पर हुए अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर हुड्डा ने सरकार पर व्यापारियों को टारगेट करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जिस तरह गुंडों पर (bulldozer action) हुआ, वैसे ही हरियाणा में ईमानदार व्यापारियों पर कार्यवाही हो रही है। उन्होंने इसे “रात के अंधेरे में शोषण” की संज्ञा दी और सरकार की नीति पर कड़े सवाल खड़े किए।













