Haryana Football Association Election: Voting will be held afresh, know full details: हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन चुनाव 2025 (Haryana Football Association Election 2025) को लेकर हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 19 अगस्त 2024 को हुए चुनाव को अवैध घोषित करते हुए नए सिरे से वोटिंग कराने के आदेश जारी किए गए हैं।
यह कदम फुटबॉल प्रशासन में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद सरकार ने एक प्रशासक नियुक्त किया है, और जांच के लिए 30 जून 2025 तक की समय सीमा तय की है। आइए, इस मामले की पूरी जानकारी, कारणों, और नए चुनाव की संभावनाओं को समझते हैं।
चुनाव अवैध क्यों घोषित हुआ? Haryana Football Association Election
हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन के पिछले चुनाव (Football Association Election) में कई खामियां सामने आईं। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के नियमों के अनुसार, चुनाव में महिलाओं को 50% मतदान का अधिकार होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके अलावा, वित्तीय अनियमितताएं, गलत मतदाता सूची, और महिला शक्ति की अनदेखी जैसी शिकायतें भी दर्ज की गईं।
झज्जर, फरीदाबाद, और रोहतक फुटबॉल एसोसिएशन ने हरियाणा सरकार से इसकी शिकायत की थी। इन गंभीर आरोपों के बाद रजिस्ट्रार ऑफ सोसायटीज ने चुनाव को रद्द कर दिया। अब सरकार ने एक जांच अधिकारी नियुक्त किया है, जो 30 जून 2025 तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। यह कदम खेल प्रशासन में निष्पक्षता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
नए चुनाव के लिए बढ़ी सरगर्मियां
नए चुनाव (Haryana Sports Election) की घोषणा के बाद हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन में हलचल तेज हो गई है। कई बड़े नाम इस रेस में शामिल हैं। बीजेपी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल कौशिक, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, और पूर्व राज्यसभा सांसद डीपी वत्स जैसे चेहरों के नाम चर्चा में हैं।
वहीं, कांग्रेस की ओर से लोकसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा, जो पहले भी इस पद पर रह चुके हैं, और पूर्व विधायक रावदान सिंह सक्रिय हैं। दोनों पक्ष नए चेहरों को भी मैदान में उतार सकते हैं। यह चुनाव हरियाणा के फुटबॉल प्रशासन के भविष्य को तय करने वाला होगा। प्रशासक की निगरानी में होने वाला यह चुनाव पारदर्शी और निष्पक्ष होने की उम्मीद है।
हरियाणा फुटबॉल के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला?
हरियाणा सरकार का यह फैसला (Government Sports Decision) फुटबॉल के विकास के लिए एक सकारात्मक कदम है। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन और भारतीय ओलंपिक संघ से मान्यता प्राप्त हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन के लिए यह मौका है कि वह अपने प्रशासन को और मजबूत करे।
पेरिस इंटरनेशनल ओलंपिक के शतरंज एशिया के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप ने भी इस कदम का स्वागत किया है। नए चुनाव से न केवल प्रशासन में सुधार होगा, बल्कि महिला खिलाड़ियों और प्रशासकों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। यह फैसला हरियाणा में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करने में मदद करेगा।













