Haryana Government Schemes: You will get huge amount from these schemes of Haryana: Know how much money and how to apply!: हरियाणा सरकार ने अपने नागरिकों के लिए कई शानदार योजनाएं शुरू की हैं, जो आर्थिक मदद से लेकर सामाजिक सुरक्षा तक का लाभ देती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन योजनाओं के तहत कितना पैसा मिलता है और इनका लाभ कैसे उठाया जा सकता है? अगर नहीं, तो आइए जानते हैं हरियाणा की इन खास योजनाओं और उनके फायदों के बारे में, ताकि आप भी इनका पूरा लाभ ले सकें।
किसानों और परिवारों के लिए योजनाएं Haryana Government Schemes
हरियाणा सरकार की पीएम किसान योजना के तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। वहीं, आयुष्मान कार्ड के जरिए हर परिवार के सदस्य को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है।
अगर परिवार में कोई व्यक्ति बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी में आता है और उसकी मृत्यु हो जाती है, तो परिवार को 20,000 रुपये की सहायता दी जाती है। इसके अलावा, सड़क दुर्घटना में घायल होने पर 1.5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त है।
शिक्षा और बेरोजगारी में सहारा
छात्रों के लिए अंबेडकर स्कॉलरशिप योजना 10वीं और 12वीं के बच्चों को 8,000 से 12,000 रुपये की मदद देती है। कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना 2,000 रुपये से लेकर पूरी फीस तक की मदद करती है। बेरोजगार युवाओं के लिए सक्षम युवा बेरोजगार भत्ता योजना 1,200 से 3,500 रुपये तक की आर्थिक सहायता देती है।
शादी और बेटियों के लिए खास योजनाएं
विवाह शगुन योजना के तहत सभी जातियों को 21,000 से 71,000 रुपये तक की मदद मिलती है। आपकी बेटी हमारी बेटी योजना में बेटियों को 18 साल तक 21,000 रुपये पर चक्रवृत्ति ब्याज के साथ लाभ मिलता है।
अंतरजातीय विवाह करने वालों को 2.5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसके अलावा, लेबर कार्ड योजना में पुरुषों को 13,000 रुपये, महिलाओं को 18,100 रुपये, लेबर की बेटी की शादी पर 1,01,000 रुपये और बेटे की शादी पर 21,000 रुपये मिलते हैं। लेबर के बच्चों की पढ़ाई के लिए 8,000 से 15,000 रुपये की मदद भी दी जाती है।
कमजोर वर्गों के लिए आर्थिक सुरक्षा
हैप्पी कार्ड योजना के तहत 1,000 किलोमीटर तक मुफ्त बस यात्रा का लाभ मिलता है। गैस सब्सिडी के जरिए 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध है। महिला लाडो योजना (जल्द शुरू होने वाली) में महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये मिलेंगे।
इसके अलावा, 60% दिव्यांगता, अविवाहित, विधवा, परित्यक्ता महिलाओं, बौने, किन्नर, स्कूल न जाने वाले दिव्यांग बच्चे, एसिड अटैक पीड़ित महिलाएं, और 45 साल से अधिक उम्र की मां (जिनके घर में बेटा न हो) को 3,000 रुपये की मासिक पेंशन दी जाती है।
बुजुर्गों (60 साल से अधिक) और कैंसर (स्टेज 3 या 4) के मरीजों को भी 3,000 रुपये की पेंशन मिलती है। अगर परिवार में मृत्यु या गंभीर दिव्यांगता (दीन दयाल योजना) होती है, तो 2 से 5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। पिता की मृत्यु पर बच्चों को 21 साल तक आधी पेंशन मिलती है।













