Haryana minimum wage: 20 lakh employees will get direct benefit from Haryana minimum wage increase: (हरियाणा न्यूनतम मजदूरी वृद्धि) को लेकर राज्य सरकार ने गंभीरता से कदम उठाए हैं। मिनिमम वेज एडवाइजरी बोर्ड द्वारा गठित सब कमेटी ने फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक और पंचकूला जैसे औद्योगिक जिलों में उद्योगपतियों, कर्मचारियों और मजदूर प्रतिनिधियों से चर्चा की है। अब यमुनानगर और पानीपत में भी बैठकें आयोजित की जाएंगी।
सब कमेटी की रिपोर्ट इसी महीने सरकार को सौंपी जाएगी, जिसमें (Haryana wage hike) की सिफारिश की जाएगी। पिछले 10 वर्षों से मजदूरी दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिससे मजदूर वर्ग में असंतोष है। सरकार का मानना है कि मजदूरी बढ़ने से लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और बाजार में मांग में इजाफा होगा।
उद्योगपतियों की चिंता और सरकार का दृष्टिकोण Haryana minimum wage
उद्योगपतियों का कहना है कि यदि (minimum wage report) के अनुसार मजदूरी दरें बढ़ती हैं, तो उनके खर्चों में भारी वृद्धि होगी। वे पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए चिंता जता रहे हैं। वहीं, सरकार का पक्ष रखने वाली सब कमेटी का मानना है कि मजदूरी वृद्धि से उत्पादन और व्यापार में सकारात्मक असर पड़ेगा।
सरकार की योजना है कि इस रिपोर्ट को बोर्ड के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए और सितंबर या (Vishwakarma Jayanti announcement) के अवसर पर इसकी घोषणा की जाए। इससे न केवल मजदूरों को राहत मिलेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
मजदूरों को मिलेगा सीधा लाभ, संघ की मांग तेज
यदि सरकार (Haryana workers benefit) को ध्यान में रखते हुए मजदूरी दरों में वृद्धि करती है, तो इसका सीधा लाभ 20 लाख से अधिक कर्मचारियों और मजदूरों को मिलेगा। भारतीय मजदूर संघ के उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री पवन कुमार ने सरकार से तत्काल घोषणा की मांग की है।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से यह मुद्दा लंबित है और अब समय आ गया है कि सरकार इसे प्राथमिकता दे। सरकार ने पहले ही हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी दी है, अब मजदूरों को भी (labor salary update) के माध्यम से राहत मिलनी चाहिए।













