Haryana pensioners verification: Now verification will be done from home, more than 36 lakh beneficiaries will get relief: हरियाणा फेस रिकग्निशन पेंशन ऐप बुजुर्ग पेंशनर्स और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आ रहा है। अब पेंशन वेरिफिकेशन के लिए बैंकों या सरकारी दफ्तरों में समय गंवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
क्या है यह फेस रिकग्निशन ऐप और कैसे करेगा काम? Haryana pensioners verification
हरियाणा सरकार जल्द ही एक आधुनिक (face recognition pension app) लॉन्च करने जा रही है, जिससे पेंशनर्स अपना (जीवन प्रमाण पत्र) डिजिटल माध्यम से जमा कर पाएंगे।
यह ऐप बॉयोमेट्रिक पहचान के जरिये व्यक्ति के चेहरे को पहचानकर प्रमाणन करेगा। यह सुविधा बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों और अन्य समाज कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों के लिए खासतौर पर फायदेमंद साबित होगी।
कितने लाभार्थियों को मिलेगा इसका लाभ?
राज्य में करीब 22 लाख बुजुर्ग (बुढ़ापा पेंशन) का लाभ ले रहे हैं। साथ ही 8.88 लाख विधवाएं और लगभग 2.9 लाख दिव्यांग भी (सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं) से लाभान्वित हैं।
ऐप के पूरी तरह लागू होने पर यह सुविधा (36 लाख से ज्यादा लाभार्थियों) को प्रभावित करेगी। इस डिजिटल कदम से सत्यापन प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होगी।
रिकॉर्ड अपडेट और फर्जी लाभ पर लगेगी रोक
सरकार का लक्ष्य है कि इस ऐप के जरिए सभी विभागों का (data update) हो सके और मृत लोगों के नाम को (पेंशन सूची से हटाने) में आसानी हो।
अभी कई विभागों में ऐसे नाम दर्ज हैं जिनकी मौत हो चुकी है, लेकिन उनके नाम से पेंशन मिल रही है। (पेंशन धोखाधड़ी) रोकने के लिए यह ऐप अहम भूमिका निभाएगा। पहले चरण में यह सुविधा (पंचकूला और अंबाला) जिलों में शुरू की जाएगी, फिर पूरे राज्य में फैलाया जाएगा।













