कैथल (Haryana Roadways)। कोहरे व धुंध के मौसम से पहले रोडवेज विभाग अलर्ट हो गया है। एक ओर जहां सभी चालकों को बसें धीमी चलाने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं बसों पर रिफ्लेक्टर टेप लगवाई गई हैं, ताकि कोहरे के सीजन में हादसे की संभावना को कम किया जा सकें।
इसके अतिरिक्त हर गाड़ी के शीशों की मरम्मत करवाई जा रही है, ताकि यात्रियों को ठंडी हवाओं से बचाया जाए। टूटी हुई खिड़कियों की भी मरम्मत की जा रही है। 15 के करीब पुरानी बसों की खिड़कियों को विभाग ने ठीक कर दिया है, बाकि बची पुरानी बसों की खिड़कियों को भी अगले एक सप्ताह तक ठीक करवा दिया जाएगा।
Haryana Roadways: बसों के टूटे शीशे बदले
बसों के टूटे हुए शीशे भी ठीक किए जा रहे हैं। पुरानी 10 बसों के टूटे शीशे बदल दिए गए हैं। इसके बाद अब रोडवेज विभाग पुरानी बसों पर फॉग लाइटें लगाने का काम करेगा। वहीं नई बसों में फॉग लाइटें लगाने की जरूरत नहीं है।
नई बसों में पहले की फॉग लाइटें लगी हुई आई हैं। पुराने टायरों की जगह नए टायर भी बदले जा रहे हैं। 10 के करीब बसों के कट्टे फटे टायर वर्कशॉप के कर्मचारियों ने बदल दिए है।
इंजन का भी कर्मचारियों की ओर से काम किया जा रहा है। क्योंकि ठंड के मौसम में कई बार पुरानी बसें स्टार्ट नहीं होती है। रूट पर न जाने के कारण यात्री गंतव्य पर समय से नहीं पहुंच पाते हैं। बता दें कि अब डिपो में लीज समेत रोडवेज की 197 बसें हैं। इनमें 23 लीज की बसें शामिल हैं। जिसमें 174 बसें रोडवेज की हैं। बीएस 3 की 52 बसें, बीएस- 4 की 47 व बीएस 6 की 75 बसें हो गई है।
निजी वाहनों को लेकर भी प्रशासन गंभीर
निजी वाहनों को लेकर प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है। डीसी प्रीति ने इस संबंध में निजी वाहन चालकों को अपील की है कि वह अपने वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप जरूर लगवाएं। उन्होंने कहा कि धुंध के समय में रिफ्लेक्टर टेप न होने की वजह से दुर्घटना होने की आशंका बढ़ जाती है।
वाहन पर रिफ्लेक्टर लगा होना जरूरी भी है, क्योंकि रात के अंधरे में कई रास्तों पर रोड लाइट नहीं होने के कारण ये रिफ्लेक्टर ही पीछे से आने वाले वाहन को दूरी से ही आगे वाहन होने का संदेश देता है।
बसों की खिड़कियां ठीक करवा ली
रोडवेज के चालक मंदीप ने बताया कि सर्दी के मौसम को देखते हुए पहले ही सभी खिड़कियां ठीक करा ली गई थी। इससे यात्रियों व चालकों को भी दिक्कत नहीं होगी।
यात्री राजेंद्र ने बताया कि सभी बसों की धुंध से पहले मरम्मत प्रशासन को कर लेनी चाहिए। क्योंकि ठंड के मौसम में ज्यादा बसें रूट पर खराब हो जाती है। यात्रियों को आने- जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
रोडवेज वर्कशॉप मैनेजर अनिल कुमार ने बताया कि बसों में रिफ्लेक्टर टेप भी लगवाई गई हैं। जिससे घने कोहरे में दुर्घटनाओं का खतरा न रहे। इसके साथ ही बस चालकों को निर्धारित गति में ही बस चलाने के आदेश दिए गए हैं। अक्सर घने कोहरे में गति अधिक होने से दुर्घटना होने का खतरा रहता है।












