Human Longevity: Putin-Jinping’s secret conversation goes viral: Can humans live 150 years with AI and organ transplant?: हाल ही में चीन में हुई एक भव्य विक्ट्री परेड में दुनिया की नजरें तीन बड़े नेताओं पर टिकी थीं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन एक साथ नजर आए।
लेकिन इस आयोजन में सबसे ज्यादा चर्चा उनकी ‘हॉट माइक’ बातचीत की हो रही है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस बातचीत में तीनों नेता बायोटेक्नोलॉजी, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और इंसान के 150 साल तक जीने की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे थे। यह बातचीत तब हुई, जब वे तियानमेन गेट पर सैन्य परेड देखने जा रहे थे। पुतिन ने इस चर्चा की पुष्टि भी की है। आइए जानते हैं, इस गुप्त बातचीत का पूरा माजरा और वैज्ञानिक इस बारे में क्या कहते हैं!
हॉट माइक क्या है? Human Longevity
हॉट माइक वह स्थिति है, जब माइक्रोफोन बिना बोलने वाले की जानकारी के चालू रहता है और उनकी निजी बातचीत रिकॉर्ड हो जाती है। ऐसी बातें अक्सर सार्वजनिक होने पर चर्चा या विवाद का कारण बनती हैं। इस बार शी जिनपिंग, पुतिन और किम जोंग की बातचीत ने सबका ध्यान खींचा, क्योंकि यह इंसान की उम्र बढ़ाने जैसे बड़े मुद्दे पर थी।
पुतिन और जिनपिंग ने क्या कहा?
शी जिनपिंग ने बातचीत में कहा, “पहले लोग 70 साल से ज्यादा नहीं जी पाते थे, लेकिन आज 70 की उम्र में भी आप बच्चे जैसे दिखते हैं।” इस पर पुतिन ने जवाब दिया, “बायोटेक्नोलॉजी के विकास से अंगों का ट्रांसप्लांट आसान हो गया है। लोग उम्र बढ़ने के साथ जवान रह सकते हैं, शायद अमर भी हो सकते हैं।” जिनपिंग ने आगे कहा, “इस सदी में लोग 150 साल तक जी सकते हैं।”
दोनों नेता, जो खुद 72 साल के हैं, फिलहाल रिटायर होने के मूड में नहीं हैं। जिनपिंग ने चीन में राष्ट्रपति पद की समय-सीमा खत्म कर दी है, जबकि पुतिन ने कानून बदलकर खुद को 2036 तक रूस का राष्ट्रपति बनाए रखा है।
चीन में चल रहा है बड़ा प्रयोग
चीन इस ‘नामुमकिन’ सपने को हकीकत में बदलने की कोशिश में जुटा है। वहां की एक लैब में ‘Human Cell Lineage’ नाम का प्रोजेक्ट चल रहा है, जिसमें इंसानी कोशिकाओं (सेल्स) के विकास को मैप किया जा रहा है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी इस्तेमाल हो रहा है।
इस प्रोजेक्ट का मकसद है कि बीमारी होने से पहले ही कोशिकाओं को बदला जाए, ताकि इंसान बीमार न पड़े और उसकी उम्र बढ़ जाए। चीन के वैज्ञानिकों ने ‘OSER1’ नाम का एक जीन खोजा है, जो जीवनचक्र को नियंत्रित करता है। सिल्कवर्म और मक्खियों पर किए गए प्रयोगों में इस जीन से उनकी उम्र बढ़ाने में सफलता मिली है। अब इंसानों पर इस तकनीक को आजमाने की कोशिश हो रही है।
क्या ऑर्गन ट्रांसप्लांट से उम्र बढ़ सकती है?
ऑर्गन ट्रांसप्लांट से उम्र बढ़ाने की बात अभी चुनौतीपूर्ण है। कई बार शरीर नए अंग को स्वीकार नहीं करता, जिससे नई बीमारियां हो सकती हैं। वैज्ञानिक अब ऐसी तकनीक पर काम कर रहे हैं, जिसमें शरीर नए अंग को आसानी से स्वीकार कर ले।
हाल ही में ‘क्रिस्पर’ जीन एडिटिंग तकनीक से सूअर के जीन हटाकर और इंसानी जीन जोड़कर हार्ट और किडनी ट्रांसप्लांट किए गए हैं। इसके अलावा, रिवर्स एजिंग भी चर्चा में है। टेक उद्योगपति ब्रायन जॉनसन हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर अपने 17 साल के बेटे का प्लाज्मा अपने शरीर में इन्फ्यूज करा रहे हैं, ताकि उनकी उम्र कम हो सके।
सबसे लंबी उम्र का रिकॉर्ड
फ्रांस की जीन लुइस काल्मेंट ने 122 साल और 164 दिन की उम्र तक जीकर सबसे लंबी उम्र का रिकॉर्ड बनाया है, जो अभी तक नहीं टूटा। लेकिन क्या इंसान 150 साल तक जी सकता है? वैज्ञानिकों की राय इस पर बंटी हुई है।
वैज्ञानिकों का क्या कहना है?
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के प्रोफेसर डेविड सिंक्लेयर का कहना है कि उम्र बढ़ने की रफ्तार को धीमा किया जा सकता है, लेकिन अमरता संभव नहीं है। वहीं, बायोजेरोन्टोलॉजिस्ट ऑब्रे डी ग्रे का मानना है कि एंटी-एजिंग तकनीकें इंसान को 150 साल से ज्यादा जीने में मदद कर सकती हैं, लेकिन अभी यह सिर्फ चर्चा का विषय है।












