Jind daughter celebration: Message to the society on the birth of a daughter: The light of happiness came to Jind after 19 years: (बेटी के जन्म पर समाज में संदेश) देने की एक मिसाल हरियाणा के जींद जिले में देखने को मिली। कालीरामन खाप के उप प्रधान सुरेंद्र के घर शादी के 19 साल बाद बेटी का जन्म हुआ। इस खुशी को उन्होंने सिर्फ अपने परिवार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरे गांव और प्रदेश की खापों को न्यौता भेजकर इसे एक सामाजिक आयोजन बना दिया।
बेटी का नाम ‘भूमि’ रखा गया है। सुरेंद्र ने कहा कि उन्हें बेटे से भी ज्यादा खुशी बेटी के जन्म पर हुई है। यह आयोजन समाज को यह बताने के लिए किया गया कि बेटियां भी उतनी ही अनमोल होती हैं जितना बेटे।
खापों की एकता और भाईचारे का संदेश Jind daughter celebration
इस आयोजन में थुपा तपा के 21 गांवों के साथ-साथ अन्य सभी खापों को भी आमंत्रित किया गया। सुरेंद्र ने बताया कि बेटी के जन्म पर इस तरह का आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का जरिया बन सकता है। उन्होंने कहा कि अगर हर कोई बेटी के जन्म पर भी इसी तरह का उत्सव मनाए, तो रूढ़िवादी सोच को बदला जा सकता है।
(Khap invitation for daughter) जैसी पहल से समाज में बेटी के प्रति सम्मान और प्रेम का भाव बढ़ेगा। यह आयोजन न सिर्फ एक पारिवारिक खुशी थी, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी था।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया और समाज में बदलाव की उम्मीद
इस आयोजन से गांव के लोग भी बेहद भावुक और खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि आज तक उन्होंने ऐसा आयोजन नहीं देखा जिसमें बेटी के जन्म पर पूरे गांव को न्यौता दिया गया हो। ग्रामीणों ने सुरेंद्र की इस पहल को सराहा और कहा कि यह समाज में जागरूकता फैलाने का एक बेहतरीन तरीका है।
(Beti ke janm par samajik sandesh) देने वाली यह कहानी आज के समय में बेहद जरूरी है। जब समाज बेटियों को बराबरी का दर्जा देगा, तभी सच्चा विकास संभव होगा।










