Lado Lakshmi App launched how to apply: चंडीगढ़ | हरियाणा की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 25 सितंबर को पंचकूला में ‘दीनदयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी एप’ लॉन्च किया। लॉन्च होते ही इस एप ने धूम मचा दी। कुछ ही घंटों में 50 हजार डाउनलोड का आंकड़ा पार हुआ और शाम तक यह संख्या 1 लाख से ज्यादा हो गई।
इस योजना के तहत 23 से 60 साल की महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। जिन परिवारों की सालाना आय 1 लाख रुपये तक है, उनकी महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। पीपीपी डेटा के मुताबिक, हरियाणा में ऐसी करीब 21 लाख महिलाएं हैं।
लॉन्चिंग के बाद लोग अपने मोबाइल से सीधे एप डाउनलोड कर आवेदन भरने में जुट गए। सीएससी सेंटर पर रजिस्ट्रेशन की उम्मीद लगाए बैठे संचालक हैरान रह गए, क्योंकि गुरुवार को ज्यादातर सेंटर खाली पड़े रहे।
आवेदन कैसे करें? Lado Lakshmi App
‘लाडो लक्ष्मी एप’ के जरिए आवेदन करना बेहद आसान है। आइए जानते हैं स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:
सबसे पहले प्ले स्टोर से ‘दीनदयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी एप’ डाउनलोड करें।
पात्रता जांच के लिए निवास, वैवाहिक स्थिति, आय और रोजगार की जानकारी भरें।
जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाता, बिजली कनेक्शन और वाहन रजिस्ट्रेशन आदि तैयार रखें।
एप में व्यक्तिगत जानकारी, आवास, परिवार का विवरण, आय की डिटेल, बैंक खाता और लाइव फोटो अपलोड करें।
आवेदन की स्थिति को आप एप पर ही चेक कर सकते हैं।
सत्यापन पूरा होने के बाद एक महीने के अंदर आपके खाते में पैसे आने शुरू हो जाएंगे।
सत्यापन की प्रक्रिया
सभी आवेदन नागरिक संसाधन सूचना विभाग को भेजे जाएंगे। विभाग 15 दिनों के अंदर पीपीपी और अन्य रिकॉर्ड से मिलान कर पात्र महिलाओं की सूची तैयार करेगा। इसके बाद, पात्र महिलाओं को उनके रजिस्टर्ड नंबर पर एसएमएस के जरिए सूचना दी जाएगी। नवंबर 2025 से पात्र महिलाओं के खातों में हर महीने 2100 रुपये आने शुरू हो जाएंगे।
योजना के तीन चरण
‘लाडो लक्ष्मी योजना’ को तीन चरणों में लागू किया जाएगा:
पहला चरण: 1 लाख रुपये तक की सालाना आय वाली महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकेंगी। करीब 21 लाख महिलाएं इस दायरे में आएंगी।
दूसरा चरण: 1.80 लाख रुपये तक की आय वाली महिलाएं शामिल होंगी।
तीसरा चरण: 3 लाख रुपये तक की आय वाली महिलाएं इस योजना का हिस्सा बनेंगी। यह चरण 2028-29 तक लागू होगा। अनुमान है कि तब तक लाभार्थियों की संख्या 47 लाख तक पहुंच जाएगी।











