डिजिटल डेस्क, दिल्ली:महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार को बारामती में विमान दुर्घटना में निधन हो गया। हादसे में 5 लोगों की जान गई। पवार परिवार और राज्य में शोक का माहौल है।
महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बुधवार की सुबह एक अत्यंत दुखद खबर लेकर आई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और कद्दावर नेता अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती में हुए एक विमान हादसे में निधन हो गया है। यह दुर्घटना तब हुई जब उनका विमान बारामती के पास उड़ान भर रहा था। इस हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है क्योंकि अजित पवार अपने ही गृह क्षेत्र में इस दुर्घटना का शिकार हुए हैं।
बारामती में हुआ दर्दनाक हादसा
बुधवार सुबह जब अजित पवार का विमान उड़ान भर रहा था, तब उसमें उनके साथ कुल पांच लोग सवार थे। अचानक तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से विमान अनियंत्रित होकर जमीन पर आ गिरा। स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दल ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को तुरंत बारामती के अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण अजित पवार को नहीं बचाया जा सका।
परिवार और समर्थकों में शोक
इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही पवार परिवार और समर्थकों में गहरा शोक छा गया है। अजित पवार की चचेरी बहन सुप्रिया सुले, पत्नी सुनेत्र पवार और बेटे पार्थ पवार खबर मिलते ही मौके के लिए रवाना हो गए। बारामती वह जगह है जहां अजित पवार ने अपने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी लड़ाइयां जीतीं। 1991 से लेकर 2024 तक उन्होंने यहां से लगातार विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की थी। विडंबना यह है कि जिस मिट्टी ने उन्हें राजनीतिक शिखर पर पहुंचाया, वहीं उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली।
एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि छोटे विमानों और हेलीकॉप्टरों का कम ऊंचाई पर उड़ना कई बार जोखिम भरा होता है, विशेषकर खराब मौसम या तकनीकी गड़बड़ी के दौरान। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है जिसे भरना आसान नहीं होगा। उनकी प्रशासनिक पकड़ और जनता के बीच संपर्क अद्वितीय था।
विमान हादसों में जान गंवाने वाले दिग्गज नेता
भारतीय राजनीति का इतिहास ऐसे कई काले अध्यायों से भरा है जब देश ने अपने शीर्ष नेताओं को हवाई दुर्घटनाओं में खोया है। अजित पवार से पहले भी कई कद्दावर नेता काल के गाल में समा चुके हैं।
विजय रूपाणी (2025) अभी पिछले साल ही, 12 जून 2025 को गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का एक भीषण विमान हादसे में निधन हुआ था। अहमदाबाद से लंदन जा रहे उस विमान में 241 लोग सवार थे, जो उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हो गया था।
दोरजी खांडू (2011) अरुणाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दोरजी खांडू का हेलीकॉप्टर 30 अप्रैल 2011 को तवांग से ईटानगर जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। खराब मौसम के कारण हुए इस हादसे में उनकी जान चली गई थी।
वाईएस राजशेखर रेड्डी (2009) आंध्र प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी का निधन 2 सितंबर 2009 को हुआ था। नल्लामला के जंगलों में खराब मौसम की वजह से उनका बेल 430 हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था।
जीएमसी बालयोगी (2002) लोकसभा अध्यक्ष रहे जीएमसी बालयोगी की मृत्यु 3 मार्च 2002 को हुई थी। आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में उनका हेलीकॉप्टर एक तालाब में गिर गया था।
माधवराव सिंधिया (2001) कांग्रेस के दिग्गज नेता माधवराव सिंधिया का निधन 30 सितंबर 2001 को हुआ था। वे एक रैली को संबोधित करने कानपुर जा रहे थे, तभी मैनपुरी के पास उनका निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
संजय गांधी (1980) पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी की मौत 23 जून 1980 को हुई थी। वे दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास एक विमान उड़ा रहे थे, जब स्टंट करते समय उनका विमान नियंत्रण खो बैठा।












