Operation Sindoor India’s befitting reply to PM Modi’s advice, victim women of Pahalgam got justice: भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एक बार फिर अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने 6-7 मई 2025 की मध्यरात्रि को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी मारे गए, जिसने आतंकी संगठनों की कमर तोड़ दी। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर इस ऑपरेशन को सिंदूर नाम दिया गया, जो पहलगाम की पीड़ित महिलाओं के सम्मान और शहीदों के बलिदान को समर्पित है। आइए, इस ऐतिहासिक कार्रवाई की पूरी कहानी जानें।
Operation Sindoor: पीएम मोदी का कड़ा रुख
पहलगाम हमले के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने आतंकियों को कड़ा संदेश दिया था। बिहार के मधुबनी में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “इस बार ऐसा एक्शन होगा, जिसकी आतंकियों ने कल्पना भी नहीं की होगी। उन्हें मिट्टी में मिलाया जाएगा।” पीएम ने हमले के बाद लगातार रक्षा मंत्रालय, तीनों सेनाओं के प्रमुखों और NSA अजित डोभाल के साथ बैठकें कीं। उन्होंने सेनाओं को खुली छूट दी कि वे लक्ष्य, समय और तरीके का फैसला खुद करें। इस दृढ़ नेतृत्व ने ऑपरेशन सिंदूर को सफल बनाया। पीएम ने यह भी सुनिश्चित किया कि यह कार्रवाई सटीक और गैर-उत्तेजक हो, ताकि क्षेत्रीय तनाव को नियंत्रित रखा जा सके।
भारत-पाकिस्तान तनाव और कूटनीतिक कदम
ऑपरेशन सिंदूर से पहले भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कठोर कदम उठाए थे। भारत ने सिंधू जल समझौते को निलंबित कर दिया, राजनयिक संबंधों में कटौती की, और पाकिस्तान के साथ व्यापार, डाक सेवाएं और वीजा सुविधाएं बंद कर दीं। इन कदमों को हमले के “ट्रेलर” के रूप में देखा गया। ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने पुंछ-राजौरी क्षेत्र में सीजफायर का उल्लंघन किया, जिसमें तीन नागरिकों की मौत हो गई। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने इसे “युद्ध की कार्रवाई” करार दिया, लेकिन भारत ने साफ किया कि केवल आतंकी ठिकाने निशाना बने। रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, और भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, UAE और रूस को अपनी कार्रवाई की जानकारी दी।
LoC पर तनाव और सुरक्षा उपाय
ऑपरेशन सिंदूर के बाद नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान ने भारी गोलाबारी शुरू की, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। जम्मू-कश्मीर और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, और उत्तरी भारत के कई हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द की गई हैं। रक्षा मंत्रालय ने सभी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है। भारत ने 7 मई को 244 जिलों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल भी आयोजित की, जो 1971 के बाद पहली ऐसी कवायद थी। यह ड्रिल क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने का हिस्सा थी।
पहलगाम हमले का बदला: पीड़ित महिलाओं को न्याय
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस हमले में आतंकियों ने धर्म और नाम पूछकर 26 लोगों की बर्बर हत्या की थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस हमले ने विशेष रूप से महिलाओं को प्रभावित किया, जिनके पति और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया गया। ऑपरेशन सिंदूर का नाम पीएम मोदी की सलाह पर रखा गया, जो उन महिलाओं के सम्मान का प्रतीक है, जिनका सिंदूर आतंकियों ने छीन लिया। इस कार्रवाई ने न केवल शहीदों को न्याय दिलाया, बल्कि भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को भी दुनिया के सामने रखा। यह ऑपरेशन उन परिवारों के लिए सांत्वना का संदेश है, जिन्होंने इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोया।












