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Punjab-Haryana water dispute: पंजाब-हरियाणा में पानी का विवाद, नायब सैनी ने भगवंत मान को बताया ‘झूठा’, राष्ट्रहित में मांगा सहयोग

On: अप्रैल 30, 2025 6:28 पूर्वाह्न
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Punjab-Haryana water dispute: पंजाब-हरियाणा में पानी का विवाद, नायब सैनी ने भगवंत मान को बताया 'झूठा', राष्ट्रहित में मांगा सहयोग
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Punjab-Haryana water dispute, Nayab Saini calls Bhagwant Mann a ‘liar’, seeks cooperation in national interest: हरियाणा और पंजाब के बीच पानी के बंटवारे को लेकर तनातनी बढ़ गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के दावों को ‘झूठा’ करार देते हुए तीखा पलटवार किया है।

सैनी ने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा पानी का हिसाब हमेशा रखा जाता है, लेकिन हरियाणा को उसका उचित हिस्सा नहीं मिल रहा। इस विवाद ने दोनों राज्यों के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है। आइए, इस मुद्दे की पूरी कहानी जानते हैं।

पानी के हिसाब पर सैनी का पलटवार Punjab-Haryana water dispute

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भगवंत मान के उस बयान को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि पंजाब ने पहले कभी बीबीएमबी के पानी का हिसाब नहीं रखा। सैनी ने कहा कि एक-एक बूंद पानी का रिकॉर्ड बीबीएमबी, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान की सरकारों के पास होता है।

उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि वर्ष 2022, 2023 और 2024 में अप्रैल, मई और जून में हरियाणा कांटेक्ट पॉइंट (एचसीपी) पर पंजाब ने कभी 9000 क्यूसिक से कम पानी नहीं दिया। लेकिन हाल के दिनों में हरियाणा को केवल 4000 क्यूसिक पानी मिला, जो उसकी मांग का 60% ही है। इससे हरियाणा में सिंचाई और पेयजल आपूर्ति पर बुरा असर पड़ रहा है।

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भाखड़ा डैम से पानी की हकीकत

सैनी ने स्पष्ट किया कि हरियाणा को पानी भाखड़ा डैम से मिलता है, न कि पोंग या रणजीत सागर डैम से, जैसा कि मान ने दावा किया। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी द्वारा एचसीपी पर छोड़ा गया पानी दिल्ली (500 क्यूसिक), राजस्थान (800 क्यूसिक) और पंजाब (400 क्यूसिक) के लिए होता है, जिसके बाद हरियाणा को केवल 6800 क्यूसिक पानी मिलता है।

सैनी ने यह भी बताया कि अप्रैल और मई में पंजाब और हरियाणा में धान की रोपाई कानूनन प्रतिबंधित है, इसलिए इस समय पानी का उपयोग केवल पेयजल के लिए होता है। फिर भी, हरियाणा को उसका पूरा हिस्सा नहीं मिल रहा।

दिल्ली को सजा देने का आरोप

मुख्यमंत्री सैनी ने भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली में चुनाव हारने के बाद दिल्ली की जनता को सजा दे रही है। उन्होंने कहा कि जब तक आप की सरकार दिल्ली में थी, तब तक पानी के बंटवारे पर कोई विवाद नहीं था।

अब पंजाब सरकार बयानबाजी कर दिल्ली और हरियाणा को पानी से वंचित कर रही है। सैनी ने पंजाब के दावे को भी खारिज किया कि हरियाणा ने मार्च में ही अपना हिस्सा उपयोग कर लिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा को अभी तक उसका पूरा हिस्सा मिला ही नहीं।

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राष्ट्रहित में सहयोग की अपील

सैनी ने पंजाब सरकार से संकीर्ण दृष्टिकोण छोड़कर राष्ट्रहित में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि मई में डैम से छोड़ा गया पानी पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के लिए पेयजल आपूर्ति के लिए होता है।

अगर हरियाणा को उसका बकाया पानी मिले, तो यह भाखड़ा डैम के जल भंडार का मात्र 0.0001% होगा, जिससे जल भंडार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सैनी ने यह भी चेतावनी दी कि जून से पहले जल भंडार को खाली करना जरूरी है, ताकि मानसून के पानी को संग्रहित किया जा सके। अन्यथा, अतिरिक्त पानी हरिके-पत्तन के रास्ते पाकिस्तान चला जाएगा, जो किसी के हित में नहीं है।

लोगों की प्रतिक्रिया

हरियाणा के किसान और स्थानीय लोग इस विवाद से चिंतित हैं। करनाल के एक किसान सतबीर सिंह ने कहा, “पानी की कमी से हमारी फसलें प्रभावित हो रही हैं।

दोनों सरकारों को मिलकर इसका हल निकालना चाहिए।” वहीं, चंडीगढ़ के निवासी रीना शर्मा ने कहा, “पानी जैसे जरूरी मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सभी राज्यों को सहयोग करना चाहिए।”

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पानी का समाधान जरूरी

यह विवाद न केवल हरियाणा और पंजाब, बल्कि दिल्ली और राजस्थान के लिए भी महत्वपूर्ण है। सैनी ने तकनीकी कमेटी द्वारा हर 15 दिन में पानी की मांग तय करने की प्रक्रिया का हवाला देते हुए पारदर्शिता की बात कही।

अगर दोनों राज्य सहयोग करें, तो जल संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकता है। यह मुद्दा न केवल अंतरराज्यीय सौहार्द के लिए, बल्कि देश के जल प्रबंधन के लिए भी एक बड़ा सबक है।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

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