Rainwater Problem Kisan: Farmers are facing problems in Shahabad, MLA held officials responsible: बरसाती पानी की समस्या (Rainwater Problem) ने कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में किसानों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
कांग्रेस विधायक रामकरण काला ने इस मुद्दे पर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सड़कों पर जलभराव (Waterlogging), बंद नाले, और अवरुद्ध नालियों को इस समस्या का मुख्य कारण बताया। उनका कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण किसानों की फसलें (Crop Damage) बर्बाद हो रही हैं। आइए, इस समस्या और इसके समाधान की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को समझते हैं।
जलभराव से किसानों की मुसीबत Rainwater Problem Kisan
शाहाबाद में बरसात का पानी सड़कों और खेतों में जमा हो रहा है। विधायक रामकरण काला के अनुसार, कई गांवों में 50 प्रतिशत तक फसलें पानी में डूबी हुई हैं। इसका कारण सड़कों पर बनी पुलियों की सफाई (Culvert Cleaning) न होना है।
उन्होंने बताया कि इस बारे में अधिकारियों को कई बार सूचित किया गया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बंद नाले और अवरुद्ध नालियां पानी की निकासी (Water Drainage) को रोक रही हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। यह स्थिति स्थानीय लोगों के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई है।
समाधान के लिए विधायक का सुझाव
रामकरण काला ने बरसाती पानी की समस्या (Rainwater Problem) के समाधान के लिए कई सुझाव दिए। उनका कहना है कि अगर सड़कों की पुलियां नियमित रूप से साफ की जाएं, तो जलभराव की समस्या पूरी तरह खत्म हो सकती है।
इससे फसलों का नुकसान (Crop Loss) भी रुकेगा। उन्होंने दादूपुर-नलवी नहर की सफाई और गहरीकरण का सुझाव दिया। अगर नहर की खुदाई संभव न हो, तो अंडरग्राउंड पाइपलाइन (Underground Pipeline) बिछाकर पानी को सीधे नहर में पहुंचाया जा सकता है। यह उपाय न केवल प्रभावी होगा, बल्कि दीर्घकालिक समाधान भी देगा।
प्रशासन पर विधायक का निशाना
विधायक ने सरकार और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शाहाबाद के सभी पार्षदों के सहयोग से जलभराव की समस्या (Waterlogging Issue) को हल करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन प्रशासन का रवैया ढीला है।
रामकरण काला ने जोर देकर कहा कि अगर समय पर कदम उठाए जाएं, तो न केवल किसानों की फसलें बचेंगी, बल्कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भी सुधरेगी। उन्होंने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है, ताकि शाहाबाद के लोग और किसान इस परेशानी से निजात पा सकें।









