Road Construction Haryana: 36 roads will be built in Palwal at a cost of 40 crores, relief to 60 villages: हरियाणा के पलवल जिले में सड़क निर्माण (Road Construction) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोक निर्माण विभाग ने 40 करोड़ रुपये की लागत से 36 सड़कों के निर्माण की योजना को हरी झंडी दे दी है।
इससे जिले के 60 से अधिक गांवों को जर्जर सड़कों (Dilapidated Roads) से छुटकारा मिलेगा। लंबे समय से उठ रही मांगों के बाद यह पहल लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आएगी। आइए, इस परियोजना के विवरण और इसके लाभों को समझते हैं।
जर्जर सड़कों से मुक्ति की राह Road Construction Haryana
पलवल जिले में 100 से अधिक सड़कें जर्जर हालत में हैं। इन सड़कों पर गहरे गड्ढों ने राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं, खासकर रात में खतरा और बढ़ जाता है। हथीन क्षेत्र में इन सड़कों के निर्माण की मांग लंबे समय से थी। अब लोक निर्माण विभाग ने 36 सड़कों के लिए मुख्यालय से स्वीकृति प्राप्त कर ली है।
टेंडर प्रक्रिया (Tender Process) भी शुरू हो चुकी है। यह परियोजना न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगी। गांवों में कनेक्टिविटी बेहतर होने से व्यापार और दैनिक जीवन आसान होगा।
किन सड़कों का होगा निर्माण
इस सड़क निर्माण (Road Construction) परियोजना में कई महत्वपूर्ण सड़कें शामिल हैं। पहाड़पुर-कुकरचटी रोड, रनसीका रोड, और लाडमाकी वाया बाबूपुर रोड 4.5 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगी। नांगल सभा से लफूरी पुन्हाना रोड और मलाई अलावलपुर से डकलपुर रोड 4.62 करोड़ रुपये में तैयार होंगी। पलवल-हथीन उटावड रोड से जोधपुर और मंगोरका रोड 4.76 करोड़ रुपये में बनेंगी।
इसके अलावा, मोहमदका से अंधरोला और गोहपुर रोड 4.86 करोड़ रुपये में बनाई जाएगी। मंडकौला-हथीन रोड का चौड़ीकरण और जीर्णोद्धार (Road Renovation) 7.78 करोड़ रुपये की लागत से होगा। ये सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से जोड़ेंगी।
ग्रामीणों के लिए क्या होगा लाभ
यह सड़क निर्माण (Road Construction) परियोजना पलवल के 60 से अधिक गांवों के लिए वरदान साबित होगी। रनियाला खुर्द, मालुका, शिकरावा, और किशोरपुर जैसे क्षेत्रों में नई सड़कें (New Roads) बनने से लोगों का सफर सुरक्षित और आसान होगा। बेहतर सड़कों से स्कूल, अस्पताल, और बाजारों तक पहुंच आसान होगी। किसानों को अपनी उपս
System: उपज की बिक्री में मदद मिलेगी। साथ ही, यह ग्रामीण विकास (Rural Development) को बढ़ावा देगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।













