दिसंबर के दूसरे सप्ताह में ठंडक बढ़ने के साथ देश के अलग अलग राज्यों में स्कूलों की छुट्टियों का सिलसिला तेज हो गया है. कहीं मौसम की मार है, कहीं प्रशासनिक गतिविधियां, तो कुछ जगहें शिक्षक संगठनों की हड़ताल से प्रभावित हैं. अभिभावक और छात्र लगातार पूछ रहे हैं कि कहां स्कूल खुले हैं और कहां बंद.
क्यों बढ़ी छुट्टियों की संख्या
उत्तर भारत में तापमान तेजी से गिर रहा है.
वहीं तटीय इलाकों में भारी बारिश के कारण सामान्य जीवन प्रभावित है.
विशेषज्ञों के अनुसार इस समय मौसम का प्रभाव सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ता है, इसलिए कई राज्यों ने सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है.
जम्मू कश्मीर: 14 दिसंबर तक शीतकालीन अवकाश
जम्मू कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में कोहरा, शीत लहर और समय से पहले हुई बर्फबारी की वजह से प्रशासन ने स्कूलों को 8 से 14 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश दिया है.
स्थानीय मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, इसलिए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है.
केरल: स्थानीय चुनावों के कारण दो दिन छुट्टी
केरल में स्थानीय निकाय चुनाव हो रहे हैं, जिसके चलते प्रशासन ने 9 और 11 दिसंबर को राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखा है.
चुनाव आयोग की व्यवस्था को सुचारू बनाने और स्कूलों को मतदान केंद्र के रूप में उपयोग करने के कारण ये छुट्टियां घोषित की गई हैं.
तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश: बारिश से पढ़ाई प्रभावित
दक्षिण भारत में चक्रवात दित्वा की वजह से लगातार बारिश हुई है.
इससे तमिलनाडु, पुडुचेरी और तटीय आंध्र प्रदेश के कई जिलों में स्कूलों को 8 से 13 दिसंबर तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है.
प्रशासन ने अभिभावकों को सलाह दी है कि
स्थानीय स्कूलों से समय समय पर अपडेट लेते रहें
आवश्यक जानकारी के लिए प्रिंसिपल या शिक्षकों से संपर्क करें
बारिश की तीव्रता जिलों के अनुसार बदल सकती है, इसलिए छुट्टियों की अवधि में भी स्थानीय स्तर पर बदलाव संभव है.
महाराष्ट्र: शिक्षक हड़ताल से बाधित शैक्षणिक गतिविधि
महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में शिक्षक और विद्यालय स्टाफ अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
मराठवाड़ा जैसी जगहों में
कई स्कूल बंद रहने की संभावना है
जबकि मुंबई में शिक्षण गतिविधियां सामान्य रहने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थिति लंबी चलती है तो शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित हो सकता है.
इसका असर क्यों महत्वपूर्ण है
भारत में दिसंबर से फरवरी तक बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी तेज होती है.
ऐसे में लगातार छुट्टियां छात्रों की पढ़ाई की योजना और क्लास टेस्ट पर प्रभाव डाल सकती हैं.
शिक्षा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि
बच्चे ऑनलाइन स्टडी मटीरियल का इस्तेमाल करें
स्कूलों द्वारा साझा असाइनमेंट पर समय दें
मौसम के हिसाब से स्वास्थ्य का ध्यान रखें
क्या आगे भी छुट्टियां बढ़ सकती हैं
मौसम विभाग के अनुसार
उत्तर भारत में तापमान और गिर सकता है
दक्षिण में बारिश कुछ हिस्सों में जारी रह सकती है
स्थिति बिगड़ने पर राज्य सरकारें छुट्टियों की अवधि बढ़ा सकती हैं. इसलिए अभिभावकों को आधिकारिक नोटिस पर नजर रखने की सलाह दी जाती है.












