Video Making Competition (रोहतक) : शिक्षा विभाग पहली से पांचवीं कक्षा तक के शिक्षकों की रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल कर रहा है। विभाग ने घोषणा की कि सभी प्राथमिक अध्यापकों के लिए वीडियो निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता का मकसद शिक्षकों को नवाचार के लिए प्रेरित करना और बच्चों तक ज्ञान को रोचक तरीके से पहुंचाना है। विजेताओं की घोषणा नवंबर में की जाएगी।
प्रत्येक शिक्षक को कम से कम एक मिनट का शैक्षणिक वीडियो बनाना होगा। यह वीडियो किसी भी विषयवस्तु शिक्षण सामग्री या अध्यापन पद्धति से संबंधित हो सकता है। सभी वीडियो निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत टीचर टेबलेट मैनेजमेंट सिस्टम पर अपलोड किए जाएंगे। शिक्षक चाहें तो वीडियो निर्माण में विद्यार्थियों, विद्यालय व परिवार की मदद भी ले सकते हैं। वीडियो को इस तरह से प्रस्तुत करना होगा कि उसकी शैक्षणिक उपयोगिता और संदेश स्पष्ट दिखाई दे।
चयन प्रक्रिया और समय सीमा
शिक्षक द्वारा वीडियो बनाना: 13 सितंबर तक
क्लस्टर स्तर पर चयन: 15-19 सितंबर
ब्लॉक स्तर पर मूल्यांकन : 22-26 सितंबर
जिला स्तरीय छंटनी : 29 से 3 अक्टूबर तक
राज्य स्तरीय मूल्यांकन : 8-30 अक्टूबर तक
प्रतियोगिता के परिणाम नंवबर में जारी होंगे
रूपांशी हुड्डा, कोऑर्डिनेटर एफएलए रोहतक के अनुसार पहली से 5वीं तक के शिक्षकों के बीच वीडियो निर्माण स्पर्धा आयोजित की जाएगी। इस दौरान शिक्षकों को क्लस्टर लेवल पर 13 सितंबर तक वीडियो का निर्माण करके भेजना है। विजेता शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
टीचर लर्निंग साम्रगी के जरिए होगी प्रतियोगिता
प्रतियोगिता टीचर लर्निंग साम्रगी पर आधारित होगी। शिक्षक तैयार की शिक्षण सामग्री को वीडियो के माध्यम से प्रदर्शित करेंगे। वीडियो निर्माण के समय शिक्षक विद्यार्थियों को भी साथ शामिल करेंगे। हर वीडियो में अनिवार्य होगा कि शिक्षक चयनित टीएलएम का कक्षा में किस प्रकार उपयोग करते है। यह दिखे। इससे सामग्री की उपयोगिता और प्रभावशीलता समझी जा सकेगी। प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने पर शिक्षकों को विभाग सम्मानित करेगा।
भूमिकाएं और जिम्मेदारियां
शिक्षक – नवीन शिक्षण रणनीतियां तैयार करें, टीएलएम का प्रयोग करते हुए वास्तविक कक्षा वातावरण में वीडियो बनाएं, छात्र सहभागिता
दिखाएं।
स्कूल मुखिया व प्रभारी– पात्र शिक्षकों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित करें और वीडियो निर्माण में सहयोग करें।
एलएलएन समन्वयक– सभी शिक्षकों व अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करें और राज्य स्तर पर चयनित वीडियो समय पर व नियमों के अनुसार जमा करें।
वीडियो बनाने के नियम
वीडियो की शुरुआत में शिक्षक अपना नाम, विद्यालय और कक्षा का संक्षिप्त परिचय देंगें। इसके बाद तैयार टीएलएम के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को प्रदर्शित करेंगे। वीडियो में सामग्री की उपयोगिता और प्रभावशीलता स्पष्ट रूप से दिखाई जानी चाहिए। प्रत्येक जिले की तरफ से भेजे गए 2 वीडियो निपुण हरियाणा मिशन के निर्धारित सोशल मीडिया चैनलों पर साझा किए जाएंगे।












