IPL 2026 Auction में रचिन रवींद्र पर बोली लगाने की सबसे बड़ी दावेदार टीमें। न्यूजीलैंड के युवा ऑलराउंडर रचिन रवींद्र को चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल 2026 मिनी-ऑक्शन से पहले रिलीज कर दिया है।
इसके साथ ही वह इस ऑक्शन के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में से एक बन गए हैं। चेन्नई ने उनके साथ डेवोन कॉनवे और मथीशा पथिराना को भी टीम से बाहर किया, जबकि रवींद्र जडेजा और सैम करेन को संजू सैमसन के बदले ट्रेड कर दिया गया है।
IPL 2026 Auction में रचिन रवींद्र पर दांव
चेन्नई ने रचिन पर पहले बड़ा भरोसा दिखाया था 2024 में उन्हें 1.8 करोड़ में खरीदा और 2025 में 4 करोड़ रुपये में रिटेन किया। हालांकि आईपीएल 2025 में रवींद्र का प्रदर्शन साधारण रहा और उन्होंने 191 रन ही बनाए।
इसके बावजूद उनका ऑलराउंड स्किल सेट उन्हें 2026 ऑक्शन का एक बड़ा और आकर्षक नाम बनाता है। खासकर वे टीमें जो टॉप-ऑर्डर बैटर और सेकेंडरी स्पिन ऑप्शन ढूंढ़ रही हैं, उनमें रवींद्र बहुत फिट बैठते हैं।
दिल्ली कैपिटल्स: टॉप ऑर्डर मजबूत करने की तैयारी
दिल्ली कैपिटल्स रचिन रवींद्र में काफी दिलचस्पी दिखा सकती है। टीम के 2025 के निराशाजनक सीजन में उनकी पावरप्ले बैटिंग कमजोर रही, जिसके चलते उन्होंने जेक फ्रेजर-मैकगर्क और फाफ डू प्लेसिस जैसे खिलाड़ियों को रिलीज कर दिया।
दिल्ली के पास अभी भी 21.80 करोड़ रुपये का बजट और कई विदेशी स्लॉट बचे हैं। ऐसे में रवींद्र उनके टॉप ऑर्डर को मजबूती देने के लिए एक सही विकल्प बन सकते हैं।
कोलकाता नाइट राइडर्स: बड़ा पर्स, बड़ी जरूरतें
तीन बार की चैंपियन टीम KKR भी रचिन को खरीदने की रेस में सबसे आगे रह सकती है। टीम ने क्विंटन डी कॉक, रहमानुल्लाह गुरबाज, वेंकटेश अय्यर और आंद्रे रसेल जैसे अहम खिलाड़ियों को रिलीज किया है।
KKR के पास 64.30 करोड़ रुपये का विशाल पर्स है और टॉप-ऑर्डर व ऑल-राउंडर स्लॉट खाली हैं। रचिन रवींद्र इस गैप को आसानी से भर सकते हैं।
चेन्नई सुपर किंग्स: पुरानी टीम में वापसी की उम्मीद
चेन्नई ने भले ही रचिन को रिलीज किया हो, लेकिन उन्हीं की टीम दोबारा बोलियों में हिस्सा ले सकती है। जडेजा और सैम करेन के ट्रेड के बाद CSK के पास स्पिन-बॉलिंग ऑलराउंडर की कमी हो गई है।
अगर टीम लंबी अवधि के लिए किसी भरोसेमंद विकल्प की तलाश में है, तो रचिन रवींद्र उनके लिए एक आकर्षक नाम हो सकते हैं।
2025 सीजन में क्यों हुआ रवींद्र का प्रदर्शन फीका?
2025 का सीजन रचिन के लिए खास नहीं रहा। उन्होंने 8 मैचों में सिर्फ 191 रन बनाए, वह भी 128.19 की स्ट्राइक रेट से। यही वजह रही कि चेन्नई ने उन्हें रिलीज करके नई रणनीति अपनाने का फैसला किया।













