राष्ट्रीय टी20 टीम में चयन से बाहर रहने के बाद यशस्वी जायसवाल ने अपने बल्ले से जोरदार जवाब दिया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के सुपर लीग बी मुकाबले में उन्होंने 48 गेंदों में शानदार शतक लगाकर डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई को हरियाणा के खिलाफ चार विकेट से जीत दिलाई।
इस जीत के साथ मुंबई की फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें फिर से मजबूत हो गई हैं।
मैच का सार क्या रहा
हरियाणा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 234 रन बनाए। जवाब में मुंबई ने 17.3 ओवर में 238 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
मुंबई की यह जीत खास इसलिए रही क्योंकि टीम को सुपर लीग के पहले मैच में हैदराबाद से करारी हार झेलनी पड़ी थी।
यशस्वी जायसवाल की पारी क्यों रही खास
यशस्वी जायसवाल ने 50 गेंदों में 101 रन की पारी खेली।
उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ दिखी।
उनकी पारी की प्रमुख बातें
• 16 चौके
• पुल और रैंप शॉट्स का बेहतरीन इस्तेमाल
• शुरुआत से ही रन रेट पर दबाव बनाए रखा
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि यह पारी सिर्फ एक मैच जिताने वाली नहीं थी बल्कि चयनकर्ताओं को दिया गया स्पष्ट संदेश भी थी।
सरफराज खान का तेज अर्धशतक
जायसवाल का साथ सरफराज खान ने बखूबी निभाया।
उन्होंने सिर्फ 24 गेंदों में 64 रन बनाए और 16 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया।
जायसवाल और सरफराज ने
• 6.1 ओवर में 88 रन की साझेदारी की
• मुंबई के रन चेज को पूरी तरह आसान बना दिया
मैच के बाद जायसवाल ने प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार लेते समय सरफराज को भी मंच पर बुलाया, जो टीम भावना का बेहतरीन उदाहरण रहा।
हरियाणा की मजबूत बल्लेबाजी
हरियाणा की ओर से कप्तान अंकित कुमार और ऑलराउंडर निशांत सिंधू ने शानदार बल्लेबाजी की।
दोनों ने सिर्फ 8.1 ओवर में 110 रन जोड़ दिए।
अंकित कुमार ने 42 गेंदों में 89 रन बनाए, जबकि निशांत सिंधू ने 38 गेंदों में 63 रन की पारी खेली।
इसके बावजूद हरियाणा का स्कोर मुंबई के आक्रामक बल्लेबाजी क्रम के सामने कम पड़ गया।
पिच और गेंदबाजी का असर
मैच की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार रही।
हरियाणा के तेज गेंदबाजों ने 125 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की, जिससे शॉट खेलना आसान हो गया।
अनुभवी अजिंक्य रहाणे ने भी 10 गेंदों में 21 रन जोड़कर रन चेज को स्थिर शुरुआत दी।
राष्ट्रीय चयन के लिहाज से क्यों अहम है यह पारी
टी20 टीम में शुभमन गिल की हालिया फॉर्म पर सवाल उठे हैं।
ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज से पहले चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर और मुख्य कोच गौतम गंभीर की नजरें जायसवाल पर टिकना स्वाभाविक है।
पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि
• घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन
• दबाव में रन बनाने की क्षमता
• आक्रामक ओपनिंग विकल्प
जायसवाल को फिर से टीम इंडिया के दरवाजे तक पहुंचा सकती है।
आगे क्या हो सकता है
मुंबई को अब सुपर लीग के अगले मुकाबलों में भी इसी लय को बनाए रखना होगा।
वहीं जायसवाल और सरफराज के प्रदर्शन से यह साफ है कि घरेलू क्रिकेट अभी भी राष्ट्रीय चयन का मजबूत आधार बना हुआ है।













