Child Abuse in School: Teacher and students saved the girl – know what happened next, the culprit got 7 years of imprisonment: स्कूल में बच्ची से अश्लील हरकत मामला ने ना सिर्फ न्यायिक तंत्र की सक्रियता को दर्शाया, बल्कि एक मजबूत उदाहरण भी पेश किया कि बच्चों के प्रति अपराधों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस घटना में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने पीड़िता को न्याय दिलाते हुए आरोपी को सात साल की सश्रम सजा सुनाई।
बच्ची के साथ स्कूल परिसर में हुआ गंभीर अपराध Child Abuse in School
15 फरवरी 2024 की दोपहर को एक ग्रामीण क्षेत्र की सात वर्षीय छात्रा रोज़ की तरह स्कूल गई थी। भोजन के समय एक व्यक्ति उसे जबरन स्कूल के बाथरूम में ले गया और वहां (child abuse in school) जैसी शर्मनाक हरकत की।
बच्ची की चीखें सुनकर अन्य छात्र बाथरूम की ओर दौड़े और शिक्षकों को सूचित किया। मौके पर पहुंचते ही आरोपी भाग गया, लेकिन बच्ची ने बाद में घर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
परिजनों ने मामले की शिकायत तुरंत पुलिस में दी, जिसमें आरोपी को पहचान कर उसके खिलाफ (POCSO Act judgment) के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच में पुलिस ने गवाहों के बयान, घटनास्थल से साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर चार्जशीट दाखिल की। आरोपी ग्रामीण क्षेत्र का ही निवासी था और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया।
कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सुनाई सख्त सजा
(Additional District Judge Lokesh Gupta) की अध्यक्षता में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने सभी दस्तावेजों और गवाहियों की समीक्षा कर आरोपी को दोषी माना। उसे (7 years jail sentence) के साथ ₹(24,000 का जुर्माना) भरने का आदेश दिया गया। अगर वह जुर्माना नहीं देता तो उसे अतिरिक्त 20 महीने की सजा भुगतनी होगी। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा के प्रति मजबूत संदेश देता है।













