Crime News, Body of a youth who escaped from police custody in Panipat found on the banks of Yamuna: Family members allege assault: हरियाणा के पानीपत में यमुना नदी के किनारे एक 22 वर्षीय युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई।
परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका दावा है कि हिरासत में मारपीट के कारण युवक की मौत हुई। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया, जिसके बाद परिजनों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। आइए, इस मामले की पूरी कहानी जानते हैं।
यमुना किनारे शव, परिजनों का आरोप Crime News
सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे यमुना नदी के किनारे उत्तर प्रदेश के कांधला निवासी विजय (22) का शव मिला। विजय के छोटे भाई अजय ने बताया कि रविवार रात करीब 7:30 बजे वह और विजय कुरुक्षेत्र से ऑटो में घर लौट रहे थे। रास्ते में ऑटो में सवार एक महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया और पुलिस को बुलाया।
अजय के अनुसार, तीन पुलिसकर्मियों ने दोनों भाइयों को ऑटो से उतारकर हिरासत में लिया और लाठी-डंडों से उनकी पिटाई की। इस दौरान विजय हिरासत से भाग गया, जबकि अजय को उनके पिता ने छुड़ाकर घर ले गए। अगली सुबह विजय का शव यमुना किनारे मिलने से परिजन सदमे में हैं।
परिजनों का गंभीर आरोप और सड़क जाम
विजय के परिजनों ने पुलिस पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हिरासत में की गई मारपीट के कारण ही विजय की मौत हुई।
शव मिलने की खबर के बाद परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने पानीपत में सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और न्याय की मांग की। परिजनों का कहना है कि विजय स्वस्थ था और उसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस का जवाब: निष्पक्ष जांच का वादा
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी नरेंद्र मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराया। उन्होंने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजनों ने सड़क जाम समाप्त किया।
पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। डीएसपी ने कहा कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विजय की मौत के पीछे की सटीक परिस्थितियां क्या थीं।
परिवार का दर्द और सवाल
विजय के पिता अजय सिंह कुरुक्षेत्र में चाट ठेकेदार हैं। अजय ने बताया कि वह और विजय कुरुक्षेत्र से ग्राहक का बकाया भुगतान लेकर लौट रहे थे। रास्ते में हुई इस घटना ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
परिजनों का कहना है कि पुलिस ने बिना ठोस सबूत के दोनों भाइयों को हिरासत में लिया और बेरहमी से पिटाई की। विजय की मौत ने परिवार के सामने कई सवाल खड़े किए हैं, जिनका जवाब वे जांच से चाहते हैं।
जनता के लिए क्या मायने?
यह घटना पुलिस हिरासत में होने वाली कथित हिंसा और जवाबदेही के मुद्दे को फिर से सामने लाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं पुलिस के प्रति विश्वास को कम करती हैं।
परिजनों और समुदाय की मांग है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों को सजा मिले। यह मामला समाज में संवेदनशीलता और कानून के पालन के महत्व को उजागर करता है।
पानीपत में विजय की संदिग्ध मौत ने पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों के आरोप और सड़क जाम ने इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का वादा किया है, लेकिन विजय के परिवार को इंसाफ का इंतजार है। यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि कानून का पालन करने वाली संस्थाओं को और अधिक जवाबदेह और पारदर्शी होने की जरूरत है।











