Delhi crime live-in murder 21 lakh dispute: दिल्ली छावला में वीरेंद्र ने 21 लाख विवाद में लिव-इन पार्टनर की हत्या कर लाश कार में छोड़ी। नशे में घर सो गया। पुलिस ने गिरफ्तार किया दो दोस्त फरार।
दिल्ली के छावला में एक शख्स ने 21 लाख रुपये के विवाद में अपनी लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दी। आरोपी ने लाश को ठिकाने लगाने के लिए कार में डाला। लेकिन वह नशे में इतना धुत था कि गाड़ी नहीं चला पाया। वह लाश को कार में ही छोड़कर घर जाकर सो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
देश की राजधानी में एक शख्स ने अपनी पार्टनर की बेरहमी से हत्या कर दी। मामला दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के छावला इलाके का है। हत्या की वजह पैसों का विवाद और शराब का नशा बताया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि हत्या करने के बाद आरोपी लाश को ठिकाने लगाने निकला था।
लिव-इन विवाद हत्या दो दोस्तों ने मदद की
लेकिन उसने इतनी शराब पी रखी थी कि वह कार नहीं चला पाया। थक हारकर वह लाश को कार में ही छोड़कर घर गया और चैन की नींद सो गया। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी अपने बिस्तर पर सोता हुआ मिला। मृतक महिला की उम्र 44 साल बताई जा रही है।
जबकि आरोपी 35 साल का वीरेंद्र है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है।
इस खौफनाक वारदात का पता तब चला जब एक पड़ोसी की नजर कार पर पड़ी। घटना 26 नवंबर की सुबह की है। पड़ोसी ने देखा कि घर के बाहर खड़ी कार में महिला अचेत अवस्था में पड़ी है। उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल किया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
जब पुलिस घर के अंदर गई तो देखा कि आरोपी वीरेंद्र नशे में धुत होकर सो रहा था। पुलिस ने उसे जगाया और हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस के मुताबिक वीरेंद्र पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। इसके बावजूद वह पिछले दो साल से मृतक महिला के साथ लिव-इन में रह रहा था।
21 लाख रुपये और मकान का विवाद
पुलिस की इन्वेस्टिगेशन में हत्या की मुख्य वजह पैसा निकलकर सामने आई है। एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने बताया कि महिला का पालम में एक मकान था। उसने वह मकान बेच दिया था। उस पैसे से वीरेंद्र ने अगस्त में छावला में अपने नाम पर तीन मंजिला मकान खरीदा था।
मकान खरीदने के बाद वीरेंद्र के पास करीब 21 लाख रुपये बच गए थे। यह पैसा उसी के पास था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। महिला अपने पैसे वापस मांग रही थी लेकिन वीरेंद्र देने को तैयार नहीं था। इसी विवाद ने धीरे-धीरे खूनी रूप ले लिया।
ऐसे घोंटा गला
वारदात वाली रात यानी 25 और 26 नवंबर की दरमियानी रात दोनों ने शराब पी थी। शराब पीने के दौरान ही पैसों को लेकर फिर से बहस शुरू हो गई। झगड़ा इतना बढ़ गया कि वीरेंद्र ने आव देखा न ताव। उसने महिला को बिस्तर पर गिरा दिया। इसके बाद उसने अपनी कोहनी से महिला का गला जोर से दबाया। दम घुटने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या करने के बाद वीरेंद्र ने लाश को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। उसने अपने दो दोस्तों को मदद के लिए बुलाया। इसमें एक पुरुष और एक महिला शामिल थी।
शराब के नशे ने बिगाड़ा प्लान
आरोपी के दोस्तों ने लाश को घर से नीचे उतारकर कार तक पहुंचाने में मदद की। इसके बाद वे वहां से भाग गए। वीरेंद्र ने लाश को कहीं दूर फेंकने के लिए कार स्टार्ट की। उसने गाड़ी चलाने की कोशिश की। लेकिन वह नशे में इतना ज्यादा था कि उससे गाड़ी संभली नहीं। वह बमुश्किल 100 मीटर तक ही गाड़ी चला पाया। इसके बाद उसने हार मान ली।
वह लाश को कार में ही छोड़कर वापस अपने घर में आ गया। घर आकर उसने फिर से शराब पी और सो गया। पुलिस अब उन दो दोस्तों की तलाश कर रही है जिन्होंने लाश ठिकाने लगाने में मदद की थी। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।













