Faridabad crime: फरीदाबाद में 25 लाख की लूट का मास्टरमाइंड सरपंच का बेटा निकला। पुलिस ने 24 घंटे में 3 आरोपी पकड़े, 21 लाख बरामद।
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ इलाके में 25 लाख 30 हजार रुपये की लूट की घटना ने सबको हिलाकर रख दिया। पुलिस ने महज 24 घंटे में इस सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश कर दिया। नारियाला गांव की सरपंच ओमवती का बेटा नवीन भारद्वाज मुख्य आरोपी निकला। उसने अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर शिमला धर्मशाला के पास एक युवक को नुकीले हथियार से धमकाया और सारा पैसा लूटकर भाग गया। ये सब 24 नवंबर की शाम करीब 6 बजे हुआ।
तेज कार्रवाई से तीन आरोपी धर दबोचे
जैसे ही लूट की खबर मिली, क्राइम ब्रांच ऊंचा गांव की टीम हरकत में आ गई। लगातार छापेमारी और मेहनत के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी नवीन भारद्वाज समेत तीन बदमाशों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से करीब 21 लाख रुपये नकद भी बरामद हो गए।
पुलिस का बयान और फरार आरोपी
एसीपी क्राइम वरुण दहिया ने बताया कि लूट में शामिल पांच में से तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। ये सब नारियाला गांव के ही रहने वाले हैं। बाकी दो फरार बदमाशों की तलाश तेजी से जारी है। बरामद पैसे को सबूत के तौर पर सील कर दिया गया है और आरोपियों से पूछताछ चल रही है।
मास्टरमाइंड की पूरी साजिश
दो दिन पहले एक सीए से हुई इस लूट का दिमाग सरपंच का बेटा नवीन था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी प्लानिंग की थी। नवीन को सीए रोहित के रूट की पूरी जानकारी थी। क्राइम ब्रांच ने नवीन, अभिषेक और अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया। तीनों नारियाला गांव के निवासी हैं।
लूट की वो शाम
नवीन नारियाला गांव की महिला सरपंच ओमवती का बेटा है। सोमवार शाम को MVN एथेंस सोसायटी में रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट रोहित अपने स्कूटर से सोहना रोड, सेक्टर 25 पर रेड लाइट के पास घर लौट रहे थे। उनके बैग में 25 लाख 33 हजार रुपये थे। सीही गेट के पास कम्युनिटी हॉल पर पहुंचते ही मोटरसाइकिल सवार तीनों ने गन पॉइंट पर उन्हें घेर लिया और सारा पैसा लूट लिया।
जांच में खुला राज
रोहित की शिकायत पर बल्लभगढ़ थाने में केस दर्ज हुआ। जांच क्राइम ब्रांच ऊंचा गांव को सौंपी गई। पूछताछ से पता चला कि नवीन ही मास्टरमाइंड था। उसे मालूम था कि रोहित एक फर्म में सीए का काम करता है और पैसे का ट्रांसफर संभालता है। सोमवार सुबह ही नवीन ने चार साथियों के साथ साजिश रची।
अंधेरे में वारदात और बचाव का खेल
फिर शाम को अंधेरे का फायदा उठाकर सीही गेट बल्लभगढ़ के पास उन्होंने लूट को अंजाम दिया। रोहित नवीन को अच्छे से जानता था, इसलिए लूट के वक्त नवीन ने अपने एक साथी के साथ मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। ताकि पहचान न हो सके। कोर्ट में पेशी के बाद नवीन और बाकी दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया।













