Drunk home guard created ruckus in Sirsa, molested, hit vehicles: हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली में एक होमगार्ड ने नशे की हालत में ऐसा उत्पात मचाया कि पूरा इलाका हंगामे की चपेट में आ गया। नशे में धुत होमगार्ड ने न केवल कई वाहनों को टक्कर मारी, बल्कि एक महिला के साथ छेड़छाड़ का भी आरोप लगा। गुस्साई भीड़ ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया, लेकिन मामला तब और बिगड़ गया जब बचाव में आए एक ASI को भीड़ ने पीट दिया। आइए, इस चौंकाने वाले मामले की पूरी कहानी जानते हैं।
डबवाली में रात का हंगामा Drunk home guard created ruckus
यह घटना डबवाली की कॉलोनी रोड पर रात 10 बजे की है। एंटी नारकोटिक्स सेल का एक होमगार्ड, जो नशे में धुत था, ने सड़क पर सात से आठ वाहनों को टक्कर मार दी। उसकी हरकतों से नाराज स्थानीय लोगों ने उसे घेर लिया और नशे में होने का आरोप लगाया। मामला तब और गंभीर हो गया जब एक युवक ने दावा किया कि होमगार्ड ने उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ की। गुस्साए लोगों ने होमगार्ड को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, लेकिन यह हंगामा यहीं खत्म नहीं हुआ।
ASI की पिटाई और पुलिस पर गंभीर आरोप
होमगार्ड को थाने ले जाने के बाद एक ASI मौके पर दोबारा पहुंचा। लेकिन गुस्साई भीड़ का गुस्सा ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा था। लोगों ने ASI पर रिवॉल्वर दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया और उसकी पिटाई कर दी। इस घटना ने स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच तनाव को और बढ़ा दिया। भीड़ का कहना था कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे उनकी नाराजगी भड़क गई।
पुलिस की कार्रवाई और होमगार्ड बर्खास्त
इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी होमगार्ड को बर्खास्त कर दिया। होमगार्ड के खिलाफ छेड़छाड़ और नशे में वाहनों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है। सिरसा पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की गहन जांच का भरोसा दिलाया है। साथ ही, ASI की पिटाई के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही गई है।
क्या है इस घटना का सबक?
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि नशे और गैर-जिम्मेदार व्यवहार के खतरों को भी उजागर करती है। होमगार्ड जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति की ऐसी हरकतें जनता का भरोसा तोड़ती हैं। साथ ही, भीड़ द्वारा पुलिस पर हमला चिंता का विषय है। यह घटना समाज में जागरूकता और संयम की जरूरत को रेखांकित करती है। पुलिस को इस मामले में पारदर्शी जांच कर दोषियों को सजा दिलानी होगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।













