Fake ghee raid Haryana: Raid on two shops in Hisar, adulterated ghee was being sold under branded names: हरियाणा नकली घी छापेमारी (fake ghee raid Haryana) की कार्रवाई ने हिसार शहर में खलबली मचा दी है।
मुख्यमंत्री फ्लाइंग टीम ने बुधवार को दो दुकानों पर छापेमारी की, जहां देशी घी के नाम पर ब्रांडेड लेबल लगे संदिग्ध उत्पाद बिकते पाए गए। टीम ने मौके से सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेज दिए हैं और एक दुकानदार को बिना लाइसेंस कारोबार करने पर चालान किया गया है।
कार्रवाई टीम इंचार्ज सुनैना की अगुवाई में हुई, जिसमें फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. पवन चहल और एएसआई सुरेंद्र भी शामिल रहे। यह कार्रवाई शिबु ट्रेडिंग कंपनी और भगत सिंह चौक स्थित गोयल घी स्टोर पर की गई।
जांच में मिले नामी ब्रांड्स के लेबल, बिक्री के दस्तावेज नहीं मिले Fake ghee raid Haryana
नई अनाज मंडी स्थित शिबु ट्रेडिंग कंपनी में रेड के दौरान दुकानदार शिवकुमार से मधुसूदन, वीटा, अमूल, पारस जैसे ब्रांड्स के लेबल लगे पैक घी बरामद हुआ। कुल 558 लीटर घी विभिन्न नामों से पाया गया। पूछताछ में वह कोई लाइसेंस या बिल पेश नहीं कर सका।
दुकानदार ने बताया कि वह ₹170 प्रति लीटर के दाम पर घी खरीदकर ₹185–₹190 में बेचता है। इतनी कम कीमत में शुद्ध देशी घी मिलना संभव नहीं है, जिससे मिलावट की आशंका बढ़ गई है।
भगत सिंह चौक के घी स्टोर पर भी सैंपलिंग, लोकल ब्रांड पैकिंग मिली
दूसरी कार्रवाई में गोयल घी स्टोर से वीटा, मधु ब्रांड के 200+ पैक समेत कई खुले टिन, रिफाइंड और डालडा टिन जब्त किए गए। दुकानदार सुरेंद्र से कई उत्पादों के बिल मांगे गए, लेकिन पर्याप्त दस्तावेज नहीं मिले। दुकान में लोकल ब्रांड्स की पैकिंग सामग्री भी मिली, जिससे घी की शुद्धता पर सवाल उठे हैं। यहां भी सैंपल जांच के लिए भेजे गए।
टीम इंचार्ज सुनैना ने स्पष्ट कहा कि यह मिलावटखोरी आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर बात है, और ऐसे मामलों में सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। खाद्य अधिनियम के अनुसार, बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार पर ₹10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
जैसे ही रेड की सूचना फैली, कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और क्षेत्र से निकल गए।













