Fake inspector in Sonipat A woman arrived at the police station wearing a uniform:
हरियाणा के सोनीपत में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को इंस्पेक्टर बताते हुए महिला थाने में हंगामा मचाया। उसने स्टाफ को धमकाया और एक शिकायत पर कार्रवाई की मांग की, लेकिन उसकी एक गलती ने उसकी सच्चाई उजागर कर दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। यह घटना न केवल स्थानीय लोगों के लिए चर्चा का विषय बनी है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि कोई इतनी हिम्मत कैसे कर सकता है।
थाने में नकली इंस्पेक्टर का रौब Fake inspector in Sonipat
सोमवार की शाम सोनीपत के महिला थाने में एक महिला पुलिस की वर्दी में पहुंची। उसकी वर्दी पर नेमप्लेट थी, जिसमें उसका नाम प्रियंका लिखा था। उसने खुद को रोहतक महिला थाने की प्रभारी बताया और थाने की कर्मचारी ज्योति से कहा कि उसके साथ आई सुदेश नाम की महिला गोहाना की रहने वाली है। सुदेश ने अपने पति के खिलाफ गोहाना में शिकायत दर्ज की थी, लेकिन वहां कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रियंका ने जोर देकर कहा कि सुदेश की शिकायत पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। उसका रौबदार व्यवहार देखकर थाने के कर्मचारियों को कुछ गड़बड़ लगी।
शक की सुई और पोल खुली
प्रियंका ने पहले दावा किया कि वह रोहतक महिला थाने की प्रभारी है, लेकिन बातचीत के दौरान उसने कहा कि वह गुरुग्राम में तैनात है और पहले नारनौल थाने में इंस्पेक्टर रह चुकी है। उसकी बार-बार बदलती कहानियों ने पुलिस को शक में डाल दिया। महिला थाने की टीम ने तुरंत सिटी थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर महेश कुमार को बुलाया। पूछताछ में प्रियंका की सच्चाई सामने आ गई—वह कोई पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि एक नकली इंस्पेक्टर थी। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लिया और सिटी थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
कौन है यह नकली इंस्पेक्टर?
पुलिस पूछताछ में पता चला कि प्रियंका भिवानी के प्रहलाद गढ़ गांव की रहने वाली है। उसकी शादी झज्जर के चमनपुरा गांव में संदीप नाम के व्यक्ति से हुई थी, लेकिन पति से विवाद के बाद वह गोहाना के कथूरा में सोनू नाम के युवक के साथ रह रही है। प्रियंका ने सुदेश नाम की महिला को प्रभावित करने के लिए यह नाटक रचा। सुदेश, जो गोहाना में कपड़े सिलाई का काम करती है, ने अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। जब उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रियंका ने खुद को इंस्पेक्टर बताकर सुदेश की मदद करने का वादा किया। पुलिस ने प्रियंका को दो दिन के रिमांड पर लिया है और यह जांच कर रही है कि क्या उसने पहले भी ऐसा कोई फर्जीवाड़ा किया है।
सुदेश से कैसे हुई साजिश?
पुलिस के अनुसार, प्रियंका और सुदेश की मुलाकात कपड़े सिलाई के काम के दौरान हुई थी। सुदेश अपने पति से विवाद के चलते परेशान थी और उसने गोहाना में शिकायत दर्ज की थी। जब कार्रवाई में देरी हुई, तो प्रियंका ने सुदेश को अपने इंस्पेक्टर होने का झांसा दिया। उसने वादा किया कि वह सोनीपत के महिला थाने में सुदेश की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करवाएगी। लेकिन प्रियंका की गलती और पुलिस की सतर्कता ने इस साजिश को नाकाम कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सिटी थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर महेश कुमार ने बताया कि प्रियंका को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दो दिन के रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि उसने यह वर्दी कहां से हासिल की और क्या वह पहले भी इस तरह की धोखाधड़ी में शामिल रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि इस मामले में सुदेश की कितनी भूमिका थी। प्रियंका को अदालत में पेश किया गया है, और जांच पूरी होने तक वह हिरासत में रहेगी।
लोगों के लिए सबक
यह घटना हमें सतर्क रहने की सीख देती है। कोई भी व्यक्ति वर्दी पहनकर या बड़े दावे करके आसानी से भरोसा जीत सकता है, लेकिन उसकी सच्चाई की जांच करना जरूरी है। यदि आपको कोई संदिग्ध व्यवहार दिखे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क करें। यह मामला पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता का भी उदाहरण है, जिसने एक बड़े फर्जीवाड़े को रोक दिया।













