Gurugram Police: ऑपरेशन ट्रैक डाउन के दौरान गुड़गांव पुलिस ने 23 दिनों में 865 अपराधियों को पकड़ा। इस अभियान ने संगठित अपराध, नशीले पदार्थ और हथियार तस्करी पर सख्त कार्रवाई कर जिले में अपराध नियंत्रण मजबूत किया।
ऑपरेशन ट्रैक डाउन की धमाकेदार सफलता 23 दिन में 865 अपराधियों पर गिरी गाज Gurugram Police
गुड़गांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई
गुड़गांव में प्रदेश भर में चलाए जा रहे ऑपरेशन ट्रैक डाउन का प्रभाव साफ नजर आया। 5 से 27 नवंबर के बीच सिर्फ 23 दिनों में पुलिस ने संगठित अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी और हथियारबंदी में शामिल 865 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस अभियान ने न सिर्फ अपराध पर अंकुश लगाया बल्कि नौ संभावित हत्याओं को भी समय रहते रोक दिया।
कुख्यात अपराधियों और गैंगस्टरों पर सख्त शिकंजा
ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य सक्रिय कुख्यात और हिंसक अपराधियों, गैंगस्टरों और हथियार तस्करों को पकड़ना था। पुलिस ने 305 ऐसे अपराधियों की पहचान की जिनमें से 304 को गिरफ्तार कर लिया गया। संगठित अपराध में शामिल 74 आरोपियों को भी पकड़ा गया। हत्या के एक इनामी आरोपी सहित हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और अवैध वसूली के कुल 69 आरोपियों पर कार्रवाई हुई।
हथियार और नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन ध्वस्त
अभियान का बड़ा प्रभाव अवैध हथियार और ड्रग नेटवर्क पर भी दिखाई दिया। शस्त्र अधिनियम के तहत 87 लोगों को गिरफ्तार किया गया और इनके पास से ऑस्ट्रिया निर्मित तीन ग्लॉक पिस्टल, कुल 52 कट्टे पिस्टल, दो रिवॉल्वर, एक गन और 64 कारतूस बरामद किए गए।
नशीले पदार्थों में 105 ग्राम से अधिक हेरोइन, 11 ग्राम कोकीन, 30 किलो से अधिक गांजा, और एलएसडी तथा एमडीएम जैसे अन्य ड्रग्स भी बरामद हुए।
अपराधियों की आर्थिक शक्ति पर भी चोट
पुलिस ने अपराधियों की आर्थिक पकड़ कमजोर करने के लिए 24 अपराधियों की संपत्तियों को चिह्नित, अटैच या ध्वस्त किया। इसके साथ ही 81 नई हिस्ट्रीशीट खोली गईं और 130 हिस्ट्रीशीट अपडेट की गईं ताकि सभी संदिग्धों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।
जेल से बाहर आए अपराधियों पर भी पुलिस निगरानी बनाए हुए है ताकि वे दोबारा कानून व्यवस्था के लिए खतरा न बनें। पुलिस का कहना है कि यह अभियान संगठित और प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण है जिसने जिले में अपराध नियंत्रण मजबूत किया है।













