Haryana corruption arrest: BJP chairman caught red handed taking bribe: हरियाणा भ्रष्टाचार गिरफ्तारी (Haryana corruption arrest) की ताजा घटना ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। जींद जिले के जुलाना नगर पालिका के BJP चेयरमैन डॉ. संजय जांगड़ा को ₹2.27 लाख की (bribery) लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में चेयरमैन के साथ उनके रिसेप्शनिस्ट सतबीर को भी अरेस्ट किया गया है।
ACB टीम ने यह कार्रवाई ठेकेदार मनोज की शिकायत पर की। मनोज ने बताया कि तालाब (pond renovation scam) की राशि पास करवाने के लिए चेयरमैन ने ढाई प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। इस हिसाब से कुल ₹2.27 लाख की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत के बाद ACB ने जाल बिछाया और चेयरमैन को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
शिकायत से लेकर गिरफ्तारी तक की पूरी कहानी Haryana corruption arrest
भिवानी के ठेकेदार मनोज ने एंटी करप्शन ब्यूरो को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि जुलाना नगर पालिका में तालाब के जीर्णोद्धार के लिए मंजूर की गई राशि को पास करवाने के लिए चेयरमैन ने रिश्वत की मांग की। यह रिश्वत (commission demand) ढाई प्रतिशत के हिसाब से तय की गई थी।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई। टीम ने चेयरमैन के कार्यालय में निगरानी रखी और जैसे ही रिश्वत की रकम ली गई, तुरंत गिरफ्तारी कर ली गई। इस कार्रवाई में चेयरमैन के साथ रिसेप्शनिस्ट सतबीर भी शामिल पाया गया। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
भ्रष्टाचार पर सख्ती की जरूरत
यह मामला हरियाणा में (political corruption Haryana) की गंभीर स्थिति को उजागर करता है। नगर पालिका जैसे संस्थानों में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी होती जा रही हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और पारदर्शिता की आवश्यकता है। ACB की यह कार्रवाई एक सकारात्मक संकेत है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और एजेंसियां सक्रिय हैं।
प्रदेश में (municipal scam Haryana) जैसे मामलों की संख्या बढ़ रही है, जिससे आम जनता का विश्वास कमजोर हो रहा है। ऐसे में जरूरी है कि भ्रष्टाचारियों को सख्त सजा मिले और प्रशासनिक व्यवस्था को साफ-सुथरा बनाया जाए। इस गिरफ्तारी से यह संदेश जरूर गया है कि रिश्वतखोरी अब छिप नहीं सकती।













