Haryana Jail Investigation: SIT investigation on mobile recovery in jails, questions raised on security system: हरियाणा की जेलों में मोबाइल फोन की लगातार बरामदगी ने प्रशासन को चिंता में डाल दिया है। (Haryana Jail Mobile Recovery) के तहत पिछले छह महीनों में प्रदेश की पांच जेलों से 23 मोबाइल फोन पकड़े गए हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जेलों की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं।
जेल प्रशासन का मानना है कि इन मोबाइल फोन का इस्तेमाल बाहरी दुनिया से संपर्क साधने और आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने के लिए किया जा रहा है। यही कारण है कि अब इस मामले की जांच (SIT Probe Haryana) को सौंपी जा रही है।
एसआईटी करेगी गहराई से जांच Haryana Jail Investigation
जेल विभाग के प्रमुख आलोक कुमार राय ने (State Crime Branch Investigation) की सिफारिश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय थाना पुलिस की जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। आमतौर पर जेलों में जब कोई अवैध वस्तु पकड़ी जाती है तो FIR दर्ज कर स्थानीय पुलिस जांच करती है, लेकिन बार-बार हो रही घटनाओं ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।
(SIT Probe Haryana) के तहत यह जांच की जाएगी कि मोबाइल फोन जेलों तक कैसे पहुंचे, कौन-कौन इसमें शामिल था और क्या इनका इस्तेमाल जेल के अंदर से किसी संगठित अपराध को अंजाम देने के लिए किया गया।
🔹 जेलों में बढ़ती आपराधिक गतिविधियां
(Haryana Jail Administration) के अनुसार, जेलों में मोबाइल फोन के साथ-साथ नशीले पदार्थों की बरामदगी भी बढ़ रही है। यह न केवल जेल की सुरक्षा को खतरे में डालता है, बल्कि जेल के अंदर से बाहरी अपराधों को संचालित करने का माध्यम भी बनता है।
जेल प्रशासन चाहता है कि इस बार जांच केवल सतही न रह जाए, बल्कि तकनीकी और नेटवर्क स्तर पर भी हो। (Criminal Activities in Jail) को रोकने के लिए अब जेलों में निगरानी और सुरक्षा उपायों को और सख्त किया जाएगा।













