Pinjore murder mystery (पिंजौर) : पंचकूला पुलिस ने पिंजौर हत्या कांड की गुत्थी सुलझाते हुए वारदात में शामिल तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। यह सफलता पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज के मार्गदर्शन और डीसीपी क्राइम मनप्रीत सिंह सूदन के नेतृत्व में डिटेक्टिव स्टाफ की टीम ने हासिल की। गिरफ्तार आरोपितों को अदालत में पेश कर पुलिस ने रिमांड पर लिया है।
ऐसे उजागर हुई वारदात
एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज ने बताया कि 22 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली थी कि पिंजौर – नालागढ़ बाईपास के पास गांव सुखोमाजरी के सामने सड़क किनारे खाई में एक संदिग्ध शव दबा हुआ है। सूचना मिलते ही डिटेक्टिव स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर मनदीप सिंह टीम सहित मौके पर पहुंचे और शव बरामद किया।
अगले दिन एसएचओ पिंजौर इंस्पेक्टर बच्चू सिंह भी टीम सहित घटनास्थल पर पहुंचे और सीन आफ क्राइम यूनिट को बुलाकर साक्ष्य जुटाए । शव को सेक्टर -6 नागरिक अस्पताल, पंचकूला में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
जांच में मृतक की पहचान राजीव गुप्ता ( निवासी हरदोही, उत्तर प्रदेश, हाल न्यू इंदिरा कालोनी सेक्टर-13, चंडीगढ़ ) के रूप में हुई। मृतक के पिता ने बताया कि उनका बेटा एक कंपनी में सुपरवाइजर था और 2 अप्रैल को प्रेम विवाह किया था। बाद में उसका एक अन्य युवती से भी प्रेम संबंध हो गया, जिससे युवती का भाई और मामा नाराज थे।
उन्होंने बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी, जिसकी शिकायत चंडीगढ़ पुलिस को भी दी गई थी। 9 अगस्त को राजीव घर से एक्टिवा पर बिना बताए निकला और उसका मोबाइल बंद हो गया। आखिरी लोकेशन पिंजौर मिली।
प्रेम प्रसंग में रची साजिश
मृतक के पिता की शिकायत पर पिंजौर थाना पुलिस ने युवती के भाई और मामा सहित अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 (1), 61 (2) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया। डीसीपी क्राइम मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि 27 अगस्त को डिटेक्टिव स्टाफ ने मनीमाजरा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के सामने से तीन कुछ दिनों बाद जब पिंजौर क्षेत्र से शव मिलने की खबर आई तो परिजनों ने उसकी पहचान कर ली।
हत्या का खौफनाक तरीका
जांच में सामने आया कि आरोपितों ने योजनाबद्ध तरीके से राजीव को फोन कर बुलाया। मुलाकात के दौरान पहले उस पर सुएं से वार किए, फिर चुन्नी से गला घोंटा, और अंत में गर्दन तोड़कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को गड्ढे में दबाकर फरार वांछित आरोपियों को काबू कर लिया।
आरोपियों की पहचान कमलदीप उर्फ कुंदन निवासी पिपलीवाला, मनीमाजरा (युवती का भाई), सत्यनारायण उर्फ सत्ता निवासी रिसालू, जिला पानीपत ( युवती का मामा), विनोद उर्फ बोडा निवासी नग्गल खेड़ी, जिला पानीपत (युवती का मामा) है। सत्यनारायण और विनोद पर पहले से भी हत्या के मामले दर्ज हैं।
तीनों आरोपित पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे, लेकिन डिटेक्टिव स्टाफ की सतर्कता और पैनी नजर से आखिरकार गिरफ्त में आ गए। डीसीपी क्राइम ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार और सामान की बरामदगी भी पुलिस रिमांड के दौरान की जाएगी।













