Radhika Yadav case: Police entangled in investigation of taunts about income, no concrete reason found yet: (राधिका यादव हत्या मामला) गुरुग्राम के सेक्टर-56 थाना क्षेत्र में नेशनल टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की हत्या के चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सबूत नहीं लगा है। आरोपित पिता दीपक यादव ने रिमांड के दौरान दावा किया था कि गांव के लोग उसे बेटी की कमाई खाने का ताना देते थे।
इस बात की पड़ताल के लिए पुलिस ने वजीराबाद गांव के 35 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की लेकिन किसी ने भी ऐसे तानों की बात स्वीकार नहीं की। गांववालों का कहना है कि आज की तारीख में सब खुद कमा खा रहे हैं और किसी को दूसरों की ज़िंदगी में दखल देने का समय नहीं है।
दीपक के बयान पर उठे सवाल Radhika Yadav case
(पुलिस पूछताछ राधिका केस) के दौरान आरोपित दीपक अपने बयानों को लेकर बार-बार बदलता रहा। रिमांड में उससे उन व्यक्तियों के नाम पूछे गए जिन्होंने उसे कथित ताने दिए थे, मगर वह किसी का नाम नहीं बता पाया।
राधिका की हत्या में इस्तेमाल गोलियों के बारे में उसने कहा कि कुछ गोलियां मानेसर के कासन गांव स्थित उसके खेत में छिपाई गई हैं। पुलिस जब वहां पहुंची तो कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। दीपक की चुप्पी और भावुक प्रतिक्रियाएं जांच को और मुश्किल बना रही हैं।
पुलिस जांच जारी, अभी भी रहस्य बरकरार
हत्या के बाद पुलिस ने आरोपित से सीन रीक्रिएट करवाया और पूछा गया कि गोली कैसे मारी गई थी। रिमांड के दौरान दीपक ने सामान्य व्यवहार किया और खाना भी थाने में ही खाया।
हालांकि अब वह भोंडसी जेल में है, लेकिन पुलिस की जांच (Gurugram tennis player murder) के कारण को लेकर अब भी अधर में है। हत्या के पीछे वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए पुलिस रिश्तेदारों से भी लगातार पूछताछ कर रही है।













