Rohtak Suicide Case: Divya and boyfriend get interim bail from High Court!: रोहतक आत्महत्या मामला (Rohtak Suicide Case) ने हरियाणा में सनसनी मचा दी है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने मगन की आत्महत्या (Magan Suicide) में आरोपित पत्नी दिव्या और उनके बायफ्रेंड दीपक (Divya and Deepak) को अंतरिम जमानत (Interim Bail) दे दी है।
जस्टिस महाबीर सिंह सिंधू ने दीपक को जांच में सहयोग करने का आदेश दिया। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब मगन ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाकर अपनी पत्नी और उसके प्रेमी को जिम्मेदार ठहराया। इस विवाद ने कई सवाल खड़े किए हैं। आइए, इस मामले की पूरी कहानी जानें।
हाई कोर्ट का फैसला और जांच Rohtak Suicide Case
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने रोहतक आत्महत्या मामला (Rohtak Suicide Case) में दीपक (Divya and Deepak) को अंतरिम जमानत (Interim Bail) दी। जस्टिस महाबीर सिंह सिंधू ने हरियाणा सरकार (Haryana Government) को 4 सितंबर तक जवाब देने का नोटिस जारी किया। दीपक ने रोहतक जिला कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
कोर्ट ने माना कि दीपक को जांच में शामिल होना होगा। यह फैसला इस मामले की गंभीरता को देखते हुए लिया गया। मगन की आत्महत्या के बाद उनके वीडियो ने जांच को नई दिशा दी। कोर्ट का यह कदम संतुलित और पारदर्शी है।
मगन की आत्महत्या और वीडियो का सच
18 जून 2025 को मगन उर्फ अजय सुहाग ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मगन ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी दिव्या और उनके प्रेमी दीपक (Divya and Deepak) को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। मगन ने कहा कि उनकी पत्नी की बेवफाई और दीपक की हरकतों ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया।
मगन ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों उन पर अपने पिता की हत्या कर जमीन बेचने का दबाव बना रहे थे। इस पैसे से वे मुंबई में फ्लैट खरीदना चाहते थे। वायरल वीडियो (Viral Video) और कॉल डिटेल्स के आधार पर रोहतक कोर्ट ने पहले दोनों की जमानत खारिज की थी।
जनता में चर्चा और सवाल
रोहतक आत्महत्या मामला (Rohtak Suicide Case) ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया। मगन के वीडियो और दिव्या-दीपक के कथित अश्लील वीडियो (Viral Video) वायरल हो गए। इस मामले ने निजी रिश्तों और मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या दबाव और बेवफाई इस हद तक किसी को
आत्महत्या के लिए मजबूर कर सकती है?
हाई कोर्ट की अंतरिम जमानत (Interim Bail) ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है। जनता अब जांच के नतीजों का इंतजार कर रही है। यह मामला न केवल कानूनी, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक मुद्दों को भी उजागर करता है।













