Woman Police Beating Case: Scheduled Caste Commission takes strict stand, report summoned from ADGP: महिला पुलिस पिटाई मामला (Woman Police Beating Case) ने हरियाणा के सामाजिक और कानूनी ढांचे को झकझोर दिया है। (SC commission action), (Karnal ADGP report), (PGI medical board), और (Police SIT investigation) जैसे शब्द इस खबर में लगातार गूंजते रहे हैं। अनुसूचित जाति आयोग की सक्रियता ने पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में उम्मीदें जगाई हैं।
हरियाणा में कैथल लघु सचिवालय के सभागार में हुई खुली समीक्षा बैठक में अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन रविंद्र बलियाला ने बड़ा निर्णय लिया। सीवन थाना क्षेत्र की एक महिला को कथित तौर पर पुलिस कर्मियों द्वारा पीटे जाने की घटना पर आयोग ने (SC commission action) लेते हुए ADGP करनाल से सात दिन के भीतर (Karnal ADGP report) पेश करने को कहा।
बैठक में महिला उत्पीड़न व लापता युवती से जुड़ी कई शिकायतें रखी गईं। आयोग ने सभी की बातें ध्यान से सुनीं और मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए रिपोर्टिंग की प्रक्रिया तेज कर दी।
मेडिकल जांच और चिकित्सक की तलब Woman Police Beating Case
महिला की हालत को लेकर आयोग ने तुरंत (PGI medical board) जांच का आदेश दिया। इस जांच बोर्ड में रोहतक PGI के एक विशेषज्ञ को शामिल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिला अस्पताल से अब तक हुए उपचार की रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी।
परेशानी तब बढ़ी जब महिला ने बताया कि एक निजी डॉक्टर ने उसका इलाज करने से मना कर दिया था। आयोग ने 15 जुलाई को उस चिकित्सक को तलब करते हुए सवाल उठाए हैं।
पुलिस कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की पहल
एसपी आस्था मोदी के अनुसार, शिकायत सामने आते ही दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। मामले की जांच अब करनाल पुलिस की (Police SIT investigation) को सौंपी गई है जो निष्पक्ष रूप से जांच कर रही है। एसपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।











