अम्बाला (Ambala News) : अगर आप दिल्ली-अमृतसर हाईवे से सफर कर रहे हैं और रफ्तार का मीटर 100 पार कर गया है, तो सावधान हो जाइए। अब गाड़ी की रफ्तार पर ट्रैफिक पुलिस की नहीं, बल्कि हाईटेक कैमरों की नजर है। पिछले एक साल में हाईवे पर लगे हाईडेफिनेशन एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों ने 26,687 वाहनों को ओवर स्पीडिंग में पकड़ा है। इन सभी तेज रफ्तार वाहनों के चालान सीधे वाहन मालिक के घर पहुंच रहे हैं।
मार्च 2024 से पहले तक पुलिस मैन्युअली चालान करती थी, जिसमें सालभर में करीब 6 हजार चालान ही बन पाते थे। लेकिन अब तकनीक ने रफ्तार पर ऐसी लगाम लगाई है कि हर गलती रिकॉर्ड हो रही है। यातायात पुलिस द्वारा लगाए गए एएनपीआर कैमरे सिर्फ ओवर स्पीड नहीं, बल्कि सीट बेल्ट और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर भी नजर रख रहे हैं। इसके अलावा गलत लाइन चेंज के 6,099 चालान, नंबर प्लेट की गड़बड़ी पर 5,914 चालान किए जा चुके हैं।
बीते एक साल में सीट बेल्ट के 931 चालान हुए
वहीं, अम्बाला के सभी हाईवे की बात करें तो बीते एक साल में 173 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 110 लोगों की जान चली गई। यह आंकड़ा साफ बताता है कि रफ्तार की बेलगाम दौड़ अब जानलेवा साबित हो रही है। ऐसे में प्रशासन हर संभव कोशिश करने में लगा हुआ है कि सुरक्षित और सुगम सफर मुहैया कराया जा सके। जिसके तहत अब प्रशासनिक सेवा से लेकर तकनीक तक को पूरी तरह से अभियान में लगाया गया है।
तकनीक ने बदली चालान प्रणाली
ट्रैफिक थाना प्रभारी जोगिंद्र सिंह ने बताया कि अंबाला-दिल्ली हाईवे पर डीआरएम ऑफिस के पास दोनों ओर 10 हाईडेफिनेशन एएनपी आर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, इसके साथ ही मनमोहन नगर के नजदीक हाईवे पर भी यह कैमरे लगे हुए है। इनकी खासियत यह है कि 1 किलोमीटर दूर से भी कैमरे ओवर स्पीड या बिना सीट बेल्ट चल रही गाड़ियों की पहचान कर लेते हैं।
इससे पहले पुलिस की टीमें इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए चालान करती थीं, जिसमें रोजाना 8-10 कर्मचारी ड्यूटी पर होते थे। अब यह पूरा सिस्टम आटोमैटिक हो गया है। वहीं, ऑनलाइन चालान की राशि चुकाना जरूरी है। यदि चालान लंबित है, तो वाहन का रजिस्ट्रेशन या ट्रांसफर नहीं हो पाएगा। इससे वाहन बेचने में भी दिक्कत होगी।
चालान न भरने पर पेंडिंग राशि होगी शो
जनवरी 2025 से लेकर अगस्त तक की बात की जाए तो अब तक कुल 31,829 चालान किए गए है । यह चालान ऑनलाइन ही वाहन चालकों के घर पहुंच गए है। चालान की राशि ऑनलाइन भी भरी जा सकती है। अगर कोई वाहन चालान की राशि नहीं भरेगा तो वह राशि वाहन की आरसी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर पेंडिंग शो करती रहेगी। वाहन बेचने और पासिंग के दौरान लेट फीस के साथ राशि भरनी पड़ेगी।













