अंबाला.अंबाला में शुक्रवार को 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवाओं और बारिश ने भारी तबाही मचाई। 110 फीडर खराब होने से 24 घंटे बिजली गुल रही और कई पेड़ उखड़ गए।
अंबाला वासियों के लिए वीरवार की रात और शुक्रवार का दिन किसी परीक्षा से कम नहीं रहा। तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले की रफ्तार को थाम दिया। शहर से लेकर छावनी तक बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई।
हालात यह बने कि शुक्रवार रात 9 बजे तक भी कई इलाकों में अंधेरा छाया रहा। लगातार 24 घंटे बिजली गुल रहने से घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए और लोग मोमबत्ती या मोबाइल टॉर्च की रोशनी में रात गुजारने को मजबूर हो गए।
60 किलोमीटर की रफ्तार और भारी तबाही
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलीं। इस तेज आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। सरकारी रिपोर्ट की मानें तो शहर भर में 55 से ज्यादा विशाल पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए।
साहा और शहजादपुर जैसे इलाकों में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। सड़कों पर पेड़ों के गिरने से यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक साथ 110 फीडर हुए ठप
बिजली निगम के लिए यह स्थिति किसी बड़ी आपदा जैसी थी। तेज हवा के कारण एक ही झटके में जिले के 110 फीडर ब्रेकडाउन हो गए। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार अंबाला सर्कल के कुल 486 फीडर पर इसका बुरा असर पड़ा।
खराबी इतनी बड़ी थी कि बिजली कर्मचारियों को इसे ठीक करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। विभाग के अधीक्षण अभियंता वीके गोयल अपनी पूरी टीम के साथ देर रात तक व्यवस्था सुचारू करने में जुटे रहे ताकि लोगों को राहत मिल सके।
इन्को चौक पर बाल बाल बचे लोग
तूफान की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर के व्यस्त इन्को चौक पर एक बिजली का खंभा टूटकर बीच सड़क पर आ गिरा। तारों का जाल सड़क पर फैल गया जिससे सेक्टर 9 और आसपास के इलाकों का संपर्क टूट गया।
गनीमत रही कि उस वक्त कोई वाहन इसकी चपेट में नहीं आया वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इसी तरह जलबेड़ा रोड और पिलखनी में भी पेड़ गिरने से रास्ते घंटों तक बंद रहे।
बारिश ने तोड़ा ठंड का रिकॉर्ड
बारिश ने न केवल बिजली गुल की बल्कि ठंड भी बढ़ा दी। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में सीधे 12.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान महज 12.8 डिग्री और न्यूनतम 5.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
शहर में कुल 42.2 मिलीमीटर बारिश हुई जिससे मीना बाजार और मॉडल टाउन जैसे निचले इलाकों में पानी भर गया। अंबाला कैंट के महेश नगर और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में भी जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
शहरी नियोजन के जानकारों का कहना है कि 60 किलोमीटर प्रति घंटा की हवाओं को झेलने के लिए हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। पेड़ों की समय पर छंटाई न होना और ओवरहेड तारों का जाल ऐसे मौसम में सबसे बड़ी कमजोरी साबित होता है। यही कारण है कि थोड़ी सी तेज हवा चलते ही पूरा शहर अंधेरे में डूब जाता है।













