ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Kalesar National Park: कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में जीव-जंतुओं को मिलेगा प्राकृतिक भोजन

On: November 6, 2025 9:01 PM
Follow Us:
Kalesar National Park: कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में जीव-जंतुओं को मिलेगा प्राकृतिक भोजन
Join WhatsApp Group

कलेसर (यमुनानगर), Kalesar National Park:  जिले का कलेसर राष्ट्रीय उद्यान प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और समृद्ध वन संपदा के लिए प्रसिद्ध है। राष्ट्रीय पार्क में आग नियंत्रण के लिए जो फायर लाइनें अब जंगली जानवरों का पेट भरने का भी काम करेंगी। इसके लिए विभाग ने कलेसर राष्ट्रीय उद्यान की फायर लाइनों में ट्रैक्टर से हैरो चलवा कर भूमि को समतल किया और वहां गेहूं, सरसों व जई (जवी) की बुवाई की है।

Kalesar National Park: फायर लाइनों में बोया चारे का बीज

यह क्षेत्र शिवालिक पर्वत शृंखला की तलहटी में स्थित है और हरियाणा का एकमात्र ऐसा नेशनल पार्क है जहां हाथी, तेंदुआ, सांभर, नीलगाय, जंगली सुअर, खरगोश, मोर, तोता समेत अनेक वन्य जीवों का बसेरा है। वन विभाग ने फायर लाइनों में हरा चारा तैयार करने की यह पहल की है। फायर लाइनें वास्तव में जंगलों में बनाई गई खुली जगह होती हैं जिनका मुख्य उद्देश्य आग लगने की स्थिति में आग को फैलने से रोकना होता है।

फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट
फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट

अब विभाग ने इन फायर लाइनों को हरियाली और पोषक चारे के रूप में विकसित कर जीव-जंतुओं के लिए भोजन स्रोत बना दिया गया है। वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में कई बार देखा गया कि हाथी, नीलगाय, सांभर, और जंगली सुअर जैसे बड़े जानवर भोजन और पानी की तलाश में जंगल से बाहर निकल जाते हैं।

वन्य जीवों का दीदार कर सकेंगे पर्यटक

जिला वन्य प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर लीलू राम ने बताया कि फायर लाइनों में घास व फसलों को खाने के लिए जंगली जानवर नियमित रूप से आते हैं। ऐसे इलाकों में अब पर्यटक भी सुरक्षित दूरी से इन जीवों को प्राकृतिक रूप में देख पाएंगे। यह व्यवस्था न केवल जीव-जंतुओं के भोजन का स्रोत बनेगी, बल्कि वन्य पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। आने वाले महीनों में पर्यटक आसानी से सांभर, नीलगाय, खरगोश और अन्य घास खाने वाले जीवों को खुले मैदानों में चरते हुए देख सकेंगे।

पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड
पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड

इससे न केवल फसलों को नुकसान होता है, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। कई जानवर हादसों में मारे भी जाते हैं। इस नई पहल से अब इन घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने भी विभाग के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पहले जंगली जानवर खेतों में घुसकर फसलें नष्ट कर देते थे, जिससे किसानों को भारी नुकसान होता था। लेकिन अब यदि उन्हें जंगल के अंदर ही पर्याप्त भोजन मिल जाएगा तो ऐसे नुकसान में कमी आएगी।

छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, हरियाणा रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसों में 150 KM तक का सफर बिल्कुल मुफ्त
छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, हरियाणा रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसों में 150 KM तक का सफर बिल्कुल मुफ्त

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment