ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

स्कूल नहीं पहुंचने वाले बच्चों को भी मिलेगा मिड डे मील, शिक्षा विभाग का नया कदम

On: December 4, 2025 6:05 PM
Follow Us:
स्कूल नहीं पहुंचने वाले बच्चों को भी मिलेगा मिड डे मील, शिक्षा विभाग का नया कदम
Join WhatsApp Group

पानीपत जिले में अब वे बच्चे भी मिड डे मील योजना का लाभ उठा सकेंगे जो नियमित रूप से स्कूल नहीं आते या जिन्होंने अभी तक औपचारिक रूप से दाखिला नहीं लिया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि पोषण से शुरू हुई यह पहल शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है।

मुख्य तथ्य एक नजर में

  • छह महीने तक बाहर के बच्चों को मिड डे मील मिलेगा

  • 15 मार्च 2026 तक विशेष अभियान जारी

  • जिले में 935 से अधिक बच्चे चुने जा चुके हैं

  • 34 विशेष केंद्रों में ब्रिज कोर्स के माध्यम से पढ़ाई करवाई जाएगी

  • जिले में करीब 73 हजार विद्यार्थियों को पहले ही मिड डे मील मिल रहा है

सरकार का उद्देश्य: पोषण के रास्ते शिक्षा से जोड़ने की कोशिश

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जो बच्चे स्कूल से दूर रहते हैं, उनके लिए भोजन एक आकर्षण की तरह काम करता है। जिले में चल रही नई पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि:

  • कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न हो

  • जरूरतमंद परिवार अपने बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए प्रेरित हों

    फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट
    फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट

राज्य शिक्षा परियोजना परिषद ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं और स्कूलों को विशेष रूप से चिन्हित बच्चों को भोजन देने का निर्देश दिया है।

एक अधिकारी के अनुसार, “बच्चों को पहले भोजन फिर शिक्षा उपलब्ध कराना उन परिवारों के लिए भरोसा बढ़ाने का तरीका है, जो आर्थिक कारणों से बच्चों को स्कूल भेजने में हिचकिचाते हैं।”

34 विशेष केंद्रों पर होगा छह महीने का ब्रिज कोर्स

जिले में 34 शिक्षण केंद्र बनाए गए हैं जहां पहचाने गए बच्चों को नियमित रूप से लाया जाएगा, मिड डे मील खिलाया जाएगा और बुनियादी पढ़ाई सिखाई जाएगी

यह बच्चों के लिए एक तरह का तैयारी प्लेटफॉर्म होगा ताकि वे आगे चलकर स्कूल में आसानी से पढ़ सकें। शिक्षा स्वयंसेवक इन केंद्रों पर बच्चों की निगरानी और पढ़ाई की जिम्मेदारी संभालेंगे।

पिछले साल से बेहतर परिणाम

सरकारी आंकड़ों के अनुसार:

  • पिछले वर्ष लगभग 1300 बच्चों को चयनित किया गया था

  • उनमें से ज्यादातर बच्चे अब औपचारिक रूप से स्कूलों में पढ़ रहे हैं

आधिकारिक अनुमान है कि इस बार भी 935 चयनित बच्चों में से अधिकांश छह महीनों में नियमित विद्यार्थी बन जाएंगे

जिले में पहले से 73 हजार छात्रों को मिल रहा लाभ

पानीपत में:

पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड
पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड
  • 243 प्राथमिक

  • 49 माध्यमिक विद्यालय

  • और विभाग द्वारा संचालित बाल वाटिकाएं

शामिल हैं। यहां कुल 73,000 से अधिक बच्चों को पहले से ही मिड डे मील दिया जा रहा है, जिसमें:

  • 3626 बाल वाटिका के बच्चे

  • 40,700 प्राथमिक विद्यार्थी

  • और लगभग 29,120 कक्षा 6 से 8 तक के बच्चे शामिल हैं

क्यों खास है यह पहल

शिक्षाविदों का मानना है कि कई परिवार आर्थिक दबाव के कारण बच्चों को पढ़ाने से पहले रोज़गार में भेज देते हैं। ऐसे में मुफ्त भोजन और पढ़ाई का संयोजन परिवार का बोझ कम करता है और बच्चे शिक्षा की ओर लौटते हैं।

इस पहल से:

छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, हरियाणा रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसों में 150 KM तक का सफर बिल्कुल मुफ्त
छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, हरियाणा रोडवेज और इलेक्ट्रिक बसों में 150 KM तक का सफर बिल्कुल मुफ्त
  • बालश्रम में कमी

  • कुपोषण में सुधार

  • और स्कूल ड्रॉपआउट दर घटने की संभावना बताई जा रही है।

जिला परियोजना समन्वयक कुलभूषण जैन ने बताया कि, “हमारा लक्ष्य छह महीने में बच्चों को पढ़ने की आदत और मूलभूत साक्षरता देना है ताकि वे सहजता से स्कूल में प्रवेश ले सकें।”

आगे क्या होगा

ब्रिज कोर्स पूरा होने के बाद सभी बच्चों को नियमित स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। विभाग ने इस प्रक्रिया को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment