अंबाला (स्वच्छ एवं हरित विद्यालय योजना 2025)। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय मूल्यांकन में टॉप-8 में आने वाले राजकीय व निजी स्कूलों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों से पहले ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन लिए गए थे। अब आवेदन करने वाले स्कूलों का जिला परियोजना समन्वयक विभाग की ओर से मूल्यांकन किया जा रहा है। यह मूल्यांकन 15 नवंबर तक चलेगा। इसके बाद विभाग की ओर से बनाई गई समिति स्कूलों का चयन करेगी।
ऐसे होगा स्कूलों का चयन
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से स्वच्छ एवं हरित विद्यालय मूल्यांकन करवाया जा रहा है। जिसमें पोर्टल पर स्कूल से आवेदन मांगे गए थे। इसमें स्कूल का नाम, यू-डाइस कोड, पता, विद्यालय की श्रेणी, बोर्ड का नाम, स्कूल प्रबंधन जानकारी मांगी गई थी।
इसके साथ ही जल, शौचालय, साबुन से हाथ धोना, संचालन और रखरखाव, व्यवहार परिवर्तन और क्षमता निर्माण, पर्यावरण के लिए जीवनशैली गतिविधियां सहित 60 बिंदु की जानकारी पोर्टल पर मांगी गई थी।
अब इन बिंदु का मूल्यांकन किया जा रहा है। यह मूल्यांकन 420 स्कूलों में होगा। 420 में से 350 स्कूलों का मूल्यांकन हो चुका है। यह मूल्यांकन सीआरसी हेड, बीआरपी, एबीआरसी की ओर से किया जा रहा है।
टॉप-8 स्कूलों को मिलेगा पुरस्कार
सहायक परियोजना समन्वयक हरजिंद्र सिंह ने बताया कि राजकीय व निजी स्कूलों में मूल्यांकन कार्य 15 नवंबर तक करना है। इन 60 बिंदु पर खरा उतरने वाले टॉप-8 स्कूलों को चयनित किया जाएगा। इसमें राजकीय व निजी स्कूल दोनों शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम को शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की ओर चलाया गया है ताकि एक संरचित राष्ट्रीय रेटिंग प्रणाली के माध्यम से स्वच्छ और सुंदर स्कूल वातावरण को बढ़ावा दिया जा सके।
यह पहल एनईपी 2020 के अनुरूप है, जो समावेशी, सुरक्षित और टिकाऊ शिक्षण वातावरण पर केंद्रित है। यह पहल एक संरचित संस्थागत ढांचे के माध्यम से स्कूली शिक्षा में व्यवहार परिवर्तन, पर्यावरणीय स्थिरता और जलवायु लचीलापन को बढ़ावा देती है।













