Crop Damage Bhiwani: भिवानी जिले में इस साल भारी बारिश और जलभराव ने खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। सरकार ने फसल खराबे के लिए मुआवजे की घोषणा की, जिसके बाद 1.10 लाख किसानों ने ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर 2.38 हेक्टेयर में लगी धान, हरा चारा, बाजरा, मूंग, मोठ, लोबी, मूंगफली, तिल, गन्ना, कॉटन और ग्वार की फसलों का ब्योरा दर्ज कराया।
पंजीकरण की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2025 की रात 12 बजे थी। जिले के 182 गांवों, खासकर उत्तर-पूर्वी छोर और राजस्थान बॉर्डर के इलाकों में, नहरों और ड्रेनों के ओवरफ्लो से 1.82 लाख हेक्टेयर फसल 60 से 100% तक बर्बाद हो गई। 44 गांवों में 44,492 हेक्टेयर में अब भी 5 फीट तक पानी भरा है। 65,106 किसानों ने 1.54 लाख हेक्टेयर के लिए मुआवजा मांगा है।
Crop Damage: हैकर्स ने बिछाया जाल
जलभराव से हुए नुकसान का फायदा उठाने के लिए हैकर्स सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने उन किसानों की फसलों को अपने नाम दर्ज कर लिया, जिन्होंने हरा चारा होने के कारण पोर्टल पर पंजीकरण नहीं किया था। रेवेन्यू डिपार्टमेंट को 7,764 ऐसी शिकायतें मिली हैं, जिनमें फसलों का ब्योरा गलत तरीके से दूसरों के नाम दर्ज किया गया।
खासकर सिवानी ब्लॉक से 165, भिवानी से 121, लोहारू से 42, बवानीखेड़ा से 7 और तोशाम से 1 शिकायत 15 दिन से पेंडिंग हैं। कृषि विभाग के डॉ. संजय मैचू ने बताया कि किसान पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर लॉगिन कर जिला, तहसील, गांव और खसरा चुनकर ‘सेव ग्रीवांस’ बटन दबाने से शिकायत दर्ज हो जाएगी। सीआरओ 72 घंटे में मलकियत जांच कर गलत ब्योरा हटा देगा।
पोर्टल से किसानों को राहत
सरकार ने ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल शुरू किया ताकि किसानों के फसल रिकॉर्ड को डिजिटल किया जा सके। इस पोर्टल से किसानों को अपनी जमीन, फसलों और भुगतान का ब्योरा ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा मिली है। इससे खरीद प्रक्रिया आसान हुई और शिकायत दर्ज करना भी सरल हो गया।
इस बार भारी बारिश ने मूंग, बाजरा, मूंगफली, तिल, कॉटन और ग्वार की फसलों को 60-100% तक बर्बाद कर दिया। सरकार ने 7,000 से 15,000 रुपये तक मुआवजा देने की घोषणा की है। लेकिन हैकर्स उन किसानों को ठग रहे हैं, जिन्होंने पंजीकरण नहीं किया। वे भावांतर भरपाई योजना का भी फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।












