Drug awareness campaign in Chandigarh, ‘Tree of Life’ spread the message of de-addiction:
चंडीगढ़ में नशे के बढ़ते खतरे को देखते हुए एक अनूठी पहल ने सभी का ध्यान खींचा है। गवर्नमेंट गर्ल्स मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर 20 बी की एनएसएस इकाइयों ने ‘ट्री ऑफ लाइफ’ (जीवन वृक्ष) के जरिए नशा विरोधी अभियान चलाकर समाज को नशामुक्ति का संदेश दिया।
यह अभियान न केवल युवाओं को प्रेरित कर रहा है, बल्कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आइए, इस प्रेरणादायक पहल की कहानी को करीब से जानते हैं।
‘ट्री ऑफ लाइफ’: नशामुक्ति का प्रतीक Drug awareness campaign
चंडीगढ़ प्रशासन के निर्देश पर शुरू हुआ यह नशा विरोधी अभियान विद्यालय परिसर में ‘ट्री ऑफ लाइफ’ की स्थापना के साथ साकार हुआ। इस प्रतीकात्मक वृक्ष को नशे के दुष्प्रभावों के खिलाफ जागरूकता का प्रतीक बनाया गया।
एनएसएस स्वयंसेवकों ने इसे रंग-बिरंगे नारों, प्रेरक संदेशों और चित्रों से सजाया, जो नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हैं। यह वृक्ष न केवल एक संदेशवाहक बना, बल्कि विद्यार्थियों के बीच एक लोकप्रिय सेल्फी पॉइंट भी बन गया, जिसने अभियान के संदेश को सोशल मीडिया के जरिए और दूर तक पहुंचाया।
युवाओं की सक्रिय भागीदारी
इस अभियान का नेतृत्व सुश्री सुनीता श्योराण और सुश्री कमलजीत ने किया। एनएसएस स्वयंसेवकों ने पूरे जोश के साथ इसमें हिस्सा लिया और ‘ट्री ऑफ लाइफ’ को नशा विरोधी संदेशों का केंद्र बनाया।
स्वयंसेवकों ने नशे की लत के खतरों को रचनात्मक तरीके से उजागर किया, जिससे न केवल स्कूल के छात्र-छात्राएं, बल्कि आसपास का समुदाय भी प्रभावित हुआ। इस अभियान ने युवाओं की ताकत को दिखाया, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम हैं।
शिक्षकों का प्रोत्साहन, अभियान को मिली मजबूती
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सीमा चौधरी, श्रीमती परवीन, श्रीमती सुनीता उप्पल और अन्य शिक्षकों ने इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने स्वयंसेवकों का हौसला बढ़ाया और युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।
शिक्षकों का कहना था कि युवा नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में अहम योगदान दे सकते हैं। उनके मार्गदर्शन और समर्थन ने इस अभियान को और प्रभावी बनाया।
अभियान का प्रभाव: समाज में फैली जागरूकता
यह नशा विरोधी अभियान अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल रहा। ‘ट्री ऑफ लाइफ’ ने नशे की लत के खतरों को उजागर करने के साथ-साथ नशामुक्त समाज के लिए सामूहिक संकल्प को मजबूत किया।
विद्यार्थियों और समुदाय के बीच इस अभियान ने नशे के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया। सोशल मीडिया पर इसकी पहुंच ने इसे और व्यापक बनाया, जिससे चंडीगढ़ के अन्य स्कूलों और समुदायों में भी ऐसी पहल की प्रेरणा मिली।
नशामुक्त समाज की ओर एक कदम
चंडीगढ़ के इस नशा विरोधी अभियान ने दिखाया कि छोटी-छोटी पहल भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। ‘ट्री ऑफ लाइफ’ न केवल एक प्रतीक है, बल्कि यह युवाओं के जुनून और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। यह अभियान हमें याद दिलाता है कि नशे से मुक्ति के लिए जागरूकता और सामूहिक प्रयास ही सबसे बड़ा हथियार है।












