Electricity schedule in Haryana : हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में आज से बिजली आपूर्ति का नया शेड्यूल लागू हो गया है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने गेहूं कटाई के मौसम को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था शुरू की है, लेकिन रोजाना 8 घंटे की कटौती ने ग्रामीणों के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने इसे ग्रामीण जनता पर नया जुल्म करार दिया है। आइए, इस नए शेड्यूल और इसके प्रभाव को विस्तार से समझते हैं।
नया बिजली शेड्यूल: कब मिलेगी बिजली? Electricity schedule in Haryana
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अनुसार, नया शेड्यूल ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को व्यवस्थित करने के लिए बनाया गया है। इसके तहत, ग्रामीणों को प्रतिदिन 16 घंटे बिजली मिलेगी। बिजली आपूर्ति का समय इस प्रकार है: शाम 7 बजे से सुबह 6:30 बजे तक और दोपहर 12 बजे से शाम 4:30 बजे तक बिजली उपलब्ध रहेगी। वहीं, सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4:30 बजे से 7 बजे तक बिजली कटौती होगी। यह व्यवस्था गेहूं कटाई के मौसम में किसानों को उनके कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त बिजली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
गेहूं कटाई के लिए राहत
अप्रैल का महीना हरियाणा के किसानों के लिए गेहूं कटाई का सबसे व्यस्त समय होता है। इस दौरान बिजली की जरूरत बढ़ जाती है, खासकर पानी पंप, थ्रेशर, और अन्य कृषि उपकरणों के लिए। नया शेड्यूल इस तरह तैयार किया गया है कि किसानों को दिन के महत्वपूर्ण समय में बिजली मिल सके। खासकर दोपहर 12 बजे से 4:30 बजे तक की आपूर्ति से किसानों को अपने खेतों में काम करने में मदद मिलेगी। कई किसानों ने इस कदम को स्वागत किया है, क्योंकि यह उनकी फसल कटाई को सुगम बनाएगा।
ग्रामीणों की चिंता
हालांकि, सभी ग्रामीण इस शेड्यूल से खुश नहीं हैं। रोजाना 8 घंटे की बिजली कटौती ने कई परिवारों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। खासकर उन घरों में जहां छोटे बच्चे या बुजुर्ग हैं, गर्मी के मौसम में बिजली की कमी असुविधा का कारण बन रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह और शाम के समय कटौती से दैनिक काम प्रभावित हो रहे हैं। कुछ लोग इसे किसानों के लिए तो ठीक मानते हैं, लेकिन गैर-किसान परिवारों के लिए यह अनुचित लगता है।
रणदीप सुरजेवाला का हमला
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने इस शेड्यूल को ग्रामीणों पर अत्याचार बताया है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में 8 घंटे की कटौती जनता को परेशान करने का तरीका है, जबकि सरकारी अधिकारी और नेता ठंडे कमरों में बैठकर आराम कर रहे हैं। सुरजेवाला ने मांग की है कि सरकार बिजली आपूर्ति को और बेहतर करे ताकि ग्रामीणों को गर्मी में राहत मिले। उनकी यह टिप्पणी मामले को राजनीतिक रंग दे रही है।
बिजली कटौती से निपटने के उपाय
ग्रामीणों के लिए इस कटौती से निपटना आसान नहीं है, लेकिन कुछ उपाय उनकी मदद कर सकते हैं। बिजली उपलब्ध होने पर महत्वपूर्ण काम जैसे पानी भरना, खाना पकाना, और मोबाइल चार्जिंग कर लें। इनवर्टर या सोलर पैनल जैसे वैकल्पिक स्रोतों पर विचार करें। गर्मी से बचने के लिए पंखे, कूलर, और पानी का पर्याप्त उपयोग करें। अगर बिजली कटौती से गंभीर परेशानी हो रही है, तो स्थानीय बिजली विभाग से शिकायत दर्ज करें।
सरकार और ग्रामीणों के लिए सुझाव
हरियाणा सरकार को चाहिए कि वह किसानों की जरूरतों को पूरा करते हुए गैर-किसान परिवारों की समस्याओं पर भी ध्यान दे। बिजली कटौती के समय को और बेहतर ढंग से व्यवस्थित किया जा सकता है। ग्रामीणों को सलाह है कि वे बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क रखें और शेड्यूल की जानकारी समय-समय पर लेते रहें। अगर आपके गांव में बिजली आपूर्ति अनियमित है, तो सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज करें।
यह नया शेड्यूल हरियाणा के ग्रामीणों के लिए चुनौती और अवसर दोनों लेकर आया है। जहां किसानों को राहत मिल रही है, वहीं अन्य परिवारों को गर्मी में धैर्य रखना होगा। उम्मीद है कि सरकार और बिजली निगम इस व्यवस्था को और बेहतर बनाएंगे ताकि सभी को सुविधा मिले।













