Expired Chocolate Rohtak Exposure of expired chocolate in Rohtak: 7,000 chocolates seized from Anganwadi centers: हरियाणा के रोहतक में एक चौंकाने वाली घटना ने बच्चों की सुरक्षा (child safety) को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते (CM Flying Squad) ने सुनारिया चौक और शोरा कोठी के आंगनवाड़ी केंद्रों पर छापेमारी कर 7,000 एक्सपायरी चॉकलेट (expired chocolate) जब्त की हैं।
ये चॉकलेट बच्चों को बांटने के लिए रखी गई थीं, लेकिन इनकी मियाद 2 मई को ही खत्म हो चुकी थी। इस लापरवाही ने न केवल आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, बल्कि ठेकेदार की जवाबदेही पर भी उंगलियां उठाई हैं। सीएम फ्लाइंग ने चॉकलेट को मौके पर नष्ट कर जांच (investigation) शुरू कर दी है। आइए, इस मामले की पूरी कहानी जानते हैं।
एक्सपायरी चॉकलेट का सनसनीखेज खुलासा Expired Chocolate Rohtak
रोहतक के सुनारिया चौक और शोरा कोठी स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों पर गुरुवार को सीएम फ्लाइंग दस्ते ने अचानक छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान सुनारिया चौक के केंद्र प्रभारी सीमा ने बताया कि उनके पास 6 गत्ते की पेटियों में 500 पैकेट, यानी कुल 3,000 मिल्क बार ब्रांड की चॉकलेट (expired chocolate) थीं।
ये चॉकलेट 28 अप्रैल को केंद्र पर पहुंची थीं, लेकिन इनकी मियाद 2 मई को खत्म हो चुकी थी। इसी तरह, शोरा कोठी केंद्र पर प्रभारी मुकेश कुमारी की मौजूदगी में 2 पेटियों में 1,000 चॉकलेट पाई गईं, जिनकी मियाद भी 2 मई को समाप्त हो चुकी थी। हैरानी की बात यह है कि ये चॉकलेट जुलाई 2025 तक बच्चों को बांटने के लिए रखी गई थीं।
बच्चों की सेहत से खिलवाड़
इस लापरवाही का सबसे गंभीर पहलू यह है कि एक्सपायरी चॉकलेट बच्चों की सेहत (child safety) के लिए बड़ा खतरा बन सकती थी। आंगनवाड़ी केंद्र छोटे बच्चों को पोषण और देखभाल प्रदान करने के लिए बनाए गए हैं, लेकिन ऐसी चूक बच्चों के स्वास्थ्य को जोखिम में डाल सकती थी।
सीएम फ्लाइंग दस्ते ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी चॉकलेट को मौके पर नष्ट (destroyed) कर दिया और सैंपल जांच (sample testing) के लिए भेजे। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है, और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
ठेकेदार पर जांच की तलवार
इस मामले में चॉकलेट की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार अजमेर सैनी पर जांच (investigation) की तलवार लटक रही है। दोनों आंगनवाड़ी केंद्रों पर चॉकलेट की खेप इसी ठेकेदार ने पहुंचाई थी। सीएम फ्लाइंग, खुफिया विभाग, और खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेश कुमार की संयुक्त टीम ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार की लापरवाही और आपूर्ति प्रक्रिया में खामियों की गहन जांच की जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या इस तरह की चूक पहले भी हुई है या यह एक सुनियोजित गड़बड़ी थी।
आंगनवाड़ी केंद्रों की जवाबदेही पर सवाल
यह घटना आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली और जवाबदेही (accountability) पर गंभीर सवाल उठाती है। बच्चों के लिए भेजे जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मियाद की जांच करना केंद्र प्रभारियों और ठेकेदारों की जिम्मेदारी है।
फिर भी, इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायरी चॉकलेट का भंडारण और वितरण के लिए तैयार होना लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस घटना पर गुस्सा जताया है और मांग की है कि आंगनवाड़ी केंद्रों में खाद्य आपूर्ति की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जाए।
बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्ती जरूरी
यह मामला बच्चों की सुरक्षा (child safety) और आंगनवाड़ी केंद्रों की विश्वसनीयता को लेकर एक चेतावनी है। सरकार और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।
खाद्य पदार्थों की नियमित जांच, ठेकेदारों पर कड़ी निगरानी, और केंद्र प्रभारियों की जवाबदेही तय करना जरूरी है। साथ ही, अभिभावकों को भी अपने बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर नजर रखनी चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि बच्चों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एक सुरक्षित भविष्य की ओर
रोहतक में एक्सपायरी चॉकलेट का यह मामला भले ही चिंताजनक हो, लेकिन सीएम फ्लाइंग की त्वरित कार्रवाई से यह उम्मीद जगी है कि दोषियों को सजा मिलेगी।
बच्चों की सुरक्षा और पोषण के लिए बने आंगनवाड़ी केंद्रों को अपनी जिम्मेदारी और गंभीरता से निभानी होगी। हम इस मामले से जुड़े हर अपडेट से आपको अवगत कराते रहेंगे। तब तक, अपने बच्चों की सेहत पर ध्यान दें और ऐसी लापरवाही के खिलाफ आवाज उठाएं।










