फरीदाबाद . हरियाणा सरकार ने प्रदेश की किशोरियों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए एक बेहद अहम कदम उठाया है। फरीदाबाद जिले के सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाली छात्राओं को अब आगामी 1 अप्रैल से सरकार की तरफ से फ्लेवर्ड दूध और प्रोटीन मिल्क बार दिए जाएंगे। इस नई योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों से 16 मार्च तक छात्राओं की सटीक संख्या तलब की है।
मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना का हुआ विस्तार
राज्य के सरकारी स्कूलों में अब तक कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को ही मिड-डे-मील योजना के तहत भोजन के साथ दूध, मिल्क बार और पिन्नी दी जाती रही है। अब एनआईटी फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और ओल्ड फरीदाबाद समेत पूरे जिले के स्कूलों में इस सुविधा का विस्तार करते हुए 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना के तहत अब इन बड़ी छात्राओं को भी सप्ताह में चार दिन स्वादिष्ट फ्लेवर्ड दूध और दो दिन प्रोटीन से भरपूर मिल्की बार दी जाएगी।
एनीमिया से बचाव और शिक्षा के स्तर में सुधार
प्रदेश सरकार की इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराकर उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाना है। शिक्षा विभाग का मानना है कि स्कूल में पौष्टिक आहार मिलने से छात्राओं की दैनिक उपस्थिति बढ़ेगी और पढ़ाई के स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा। इसके अलावा, लगातार दूध और प्रोटीन बार मिलने से किशोरियों में खून की कमी यानी एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जड़ से खत्म करने में भी बड़ी मदद मिलेगी।
16 मार्च तक डेटा न देने वाले स्कूलों पर गिरेगी गाज
चूंकि नया शैक्षणिक सत्र अभी शुरू नहीं हुआ है, इसलिए पहले चरण में वर्तमान सत्र की छात्राओं को ही इस लाभकारी योजना का सीधा फायदा मिलेगा। जिला शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे कक्षावार 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं की संख्या हर हाल में 16 मार्च तक जमा करा दें। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी स्कूल तय तारीख तक यह जरूरी जानकारी साझा नहीं करेंगे, उनके प्रबंधन के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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