Food safety report: दिवाली के दौरान लिए गए मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों के नमूनों में दस प्रतिशत सैंपल सब स्टैंडर्ड मिले। रिपोर्ट देर से आने के कारण मिलावटी मिठाइयां लोग खा चुके। विभाग अब कार्रवाई शुरू कर रहा है।
जगाधरी में त्योहारों के दौरान लोग अंजाने में सैकड़ों किलो घटिया मिठाइयां खा गए। दिवाली पर लिए गए मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों के नमूनों की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद खुलासा हुआ कि दस प्रतिशत सैंपल सब स्टैंडर्ड थे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने फेल हुए नमूनों पर संबंधित विक्रेताओं को नोटिस भेज दिया है। उन्हें 30 दिन के भीतर जवाब देना होगा, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू होगी।
सब स्टैंडर्ड मिठाइयों का बड़ा खुलासा
रिपोर्ट के अनुसार इस बार सफेद और भूरा खोया पेड़ा, खोया और पनीर के कुल पांच नमूने फेल पाए गए हैं। दिवाली के दौरान जिले की विभिन्न दुकानों से लिए गए इन नमूनों की जांच अब पूरी हुई है। रिपोर्ट देर से आने के कारण ये मिठाइयां त्योहारों में बिक चुकी हैं और लोगों ने इनका सेवन भी कर लिया है। विभाग अब आगे की प्रक्रिया में जुट गया है।
कितने नमूने लिए और कितने फेल हुए
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस बार जिलेभर से मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों के कुल 56 नमूने लिए थे। इनमें से पांच नमूने फेल पाए गए, यानी करीब दस प्रतिशत उत्पाद मानकों पर सही नहीं उतरे। नमूनों की रिपोर्ट आने में लगभग सवा माह लगा। विभाग के अनुसार पिछले पांच वर्षों में लिए गए कुल नमूनों में से लगभग एक चौथाई फेल मिले हैं।
रिपोर्ट देरी से आई और मिठाइयां बिक गईं
दिवाली से एक सप्ताह पहले लिए गए इन नमूनों की रिपोर्ट आने में एक से डेढ़ माह लग गया। रिपोर्ट आने तक सभी मिठाइयां बाजार में बिक चुकी थीं। सामाजिक संगठनों का कहना है कि ऐसी कार्रवाई त्योहार से कम से कम दो महीने पहले शुरू होनी चाहिए, ताकि समय रहते रिपोर्ट आ सके और लोग मिलावटी उत्पादों से बच सकें।
हर साल फेल होते सैंपल
हर वर्ष मिठाइयों के नमूने लिए जाते हैं और बड़ी संख्या में फेल पाए जाते हैं।
• 2020 में लिए गए 60 नमूनों में 10 फेल
• 2021 में 45 नमूनों में 9 फेल
• 2022 में 50 में से 10 फेल
• 2023 और 2024 में लिए गए करीब 35 से 40 नमूनों में एक अनसेफ मिला
अनसेफ नमूना सेहत के लिए खतरनाक होता है और ऐसे मामलों में तीन साल तक सजा या जुर्माने का प्रावधान है। सब स्टैंडर्ड नमूनों पर अधिकतम पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इस बार अनसेफ सैंपल नहीं मिला है।
विभाग का बयान और आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ अमित चौहान के अनुसार सभी नमूने नियमानुसार चंडीगढ़ लैब में भेजे गए थे। पांच नमूनों की रिपोर्ट सब स्टैंडर्ड मिली है। विभाग ने इस संबंध में अगली कार्रवाई शुरू कर दी है और विक्रेताओं से जवाब मांगा गया है।













