Food Safety Violation (सोनीपत) : बाजार में बिकने वाले डेयरी प्रोडक्ट को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस वर्ष एफएसओ ने सैंपल सब स्टैंडर्ड आने पर 72 केस कोर्ट में फाइल किए। इनमें से 65 पर सुनवाई हुई है। कोर्ट ने आरोपियों को मानकों के अनुसार खाद्य वस्तु न बेचने पर दोषी माना है ओर इन 65 केसों के आरोपियों पर 15 लाख 35 हजार रुपए का जुर्माना किया है।
चिंता की बात यह है कि जो केस फाइल किए जा रहे हैं वह ज्यादातर अर्थात करीब 50 प्रतिशत डेयरी प्रोडक्ट पनीर, दूध, मावा के हैं। यह खाद्य वस्तु डेली रूप से हर घर में इस्तेमाल होती हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा को लेकर ओर कड़े कदम उठाने होंगे, ताकि किसी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो सके।
वर्ष 2025 में बात सैंपलिंग की करें तो स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 193 सैंपल लिए हैं। इनकीलैब से जांच कराई गई। जांच में दो सैंपल अनसेफ व 21 सब स्टैंडर्ड मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग अब ज्यादा से ज्यादा केस कोर्ट में दायर करेगा। क्योंकि सैंपल की रिपोर्ट के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
अब विभाग खाद्य वस्तुओं के सैंपल चंडीगढ़ के साथ-साथ करनाल लैब में भी भेजेगा। पहले जो रिपोर्ट करीब 21 दिन में आती थी, वह अब 14 दिन में आएगी। जिसके चलते सैंपल सब स्टैंडर्ड मिलने पर केस प्रक्रिया में कम समय लगेगा।
मिलावट की यहां करें शिकायत
खाद्य पदार्थों में गंदगी, मिलावट का अंदेशा है तो अब चुप रहने की जरूरत नहीं है। इसकी शिकायत fsosnp@gmail.com या फिर 9910000803 पर कर सकते हैं। विभाग तुरंत इस पर संज्ञान लेगा व पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
14 दिन में आएगी रिपोर्ट
त्योहारी सीजन में क्षेत्र में मिठाई की मांग8 गुणा तक बढ़ जाती है। ऐसे में एफएसओ ने खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता को लेकर अक्टूबर में 55 से 60 सैंपल लेने की प्लानिंग की है। इसके साथ ही नवरात्रि में कुट्टू के आटे के सैंपल लिए जाएंगे। शहर से इस बार 65 प्रतिशत सैंपलिंग होगी। इसके साथ यूपी बॉर्डर, दिल्ली बॉर्डर पर विशेष टीम निगाह रखेगी। यहां से जिन खाद्य वस्तुओं की बढ़े स्तर पर क्षेत्र में सप्लाई होती हैं, उनके सैंपल मौके पर ही लिए जाएंगे। दूध, पनीर, क्रीम, मावा के सैंपल पर खास तौर से फोक्स होगा। इसके साथ ढाबों पर भी रेंडम सैंपलिंग होगी।
हार्ट अटैक व लीवर डैमेज का खतरा
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. संदीप कहते हैं कि मिलावटी दूध व पनीर से कई तरह की बीमारी हो सकती हैं। इनमें पेट संबंधित बीमारी होने की संभावना ज्यादा जाती है। दस्त लगने के साथ उल्टियां हो सकती हैं। इसके साथ ही कैस्ट्रॉल बढ़ने पर बीपी की दिक्कत हो जाती है। जिसे हार्ट अटैक का खतरा भी रहता है।
इसके साथ यूरिया युक्त दूध के नियमित सेवन से किडनी और लीवर डैमेज हो सकता है। असली व नकली की पहचान करने के लिए लोग पनीर पर बीटाडीन की एक बूंद डालकर देख सकते हैं। यदि पनीर का नीला या काला होता है तो उसमें मिलावट है। यदि रंग नहीं बदलता तो वह शुद्ध है।
एफएसओ सोनीपत वीरेंद्र यादव ने बताया कि डेयरी प्रोडक्ट्स के सैंपल ज्यादा सब स्टैंडर्ड मिल रहे हैं। इसलिए अब डेयरी प्रोडक्ट के सैंपल ज्यादा लिए जाएंगे। सैंपल की रिपोर्ट अब पहले से जल्दी आएगी। रिपोर्ट 14 दिन में ही उन्हें मिलेगी। अब करनाल लैब को भी उनके सैंपल जाएंगे। इसके लिए अनुमति मिल चुकी है। सैंपल अनसेफ पाए जाने पर 1 लाख तक जुर्माना और 6 महीने की सजा का प्रावधान है।
सैंपल फेल होने पर कार्रवाई का प्रावधान
सैंपल अनसेफ : जो खाद्य पदार्थ खाने लायक न हो, उसे अनसेफ कैटेगरी में रखा गया है। इस तरह के अनसेफ खाद्य पदार्थ से जान भी जा सकती है। ऐसे मामले में कोर्ट से एक लाख रुपए तक जुर्माना और 6 महीने की सजा का प्रावधान है।
सैंपल सब स्टैंडर्ड : जो सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरते। अर्थात हर खाद्य पदार्थ का मानक तय है। यदि मानक पर सैंपलन मिले तो इसमें 5 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है।
मिस ब्रांड: बेचे जा रहे प्रोडक्ट पर दी गई जानकारी पूरी न होने पर उसे मिस ब्रांड में रखा जाता है। ऐसे मामले में तीन लाख रुपए तक जुर्माना का प्रावधान है।
मिस लीडिंग : बेचे जा रहे प्रोडक्ट के लेबल के अनुसार खाद्य पदार्थ न हो, उसे मिस लीडिंग में रखा जाता है। इसमें 10 लाख तक जुमनि का प्रावधान है।













