ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

हरियाणा में सरकारी डॉक्टरों की दो दिन की हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा असर

On: दिसम्बर 8, 2025 1:26 अपराह्न
Follow Us:
हरियाणा में सरकारी डॉक्टरों की दो दिन की हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा असर
Join WhatsApp Group

हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में आज से शुरू हुई 48 घंटे की हड़ताल का असर मरीजों की नियमित सेवाओं पर दिखाई देने लगा है। ओपीडी, सर्जरी और सामान्य उपचार जैसी आवश्यक सुविधाएं प्रभावित हुईं हैं, हालांकि आपातकालीन सेवाएं चलाने की कोशिश जारी है।

डॉक्टरों का कहना है कि वे पिछले वर्ष सरकार से किए गए वादों को लागू कराने के लिए विरोध कर रहे हैं, न कि कोई नई मांग उठा रहे हैं। राज्य में लगभग 3,000 सरकारी डॉक्टर इस आंदोलन का हिस्सा बने हैं।

हड़ताल क्यों हुई डॉक्टरों की नाराजगी का कारण

डॉक्टरों की मुख्य मांगें दो हैं:

  • एसएमओ (सीनियर मेडिकल ऑफिसर) की सीधी भर्ती पर रोक

  • डॉक्टरों की एसीपी यानी Assured Career Progression में सुधार

हरियाणा मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ राजेश ख्यालिया का कहना है कि इन दोनों मुद्दों पर पिछले साल मुख्यमंत्री के साथ सहमति बन चुकी थी और अधिकारियों को आदेश भी दिए गए थे।
लेकिन उनके अनुसार एक साल बीतने के बावजूद फाइलें आगे नहीं बढ़ीं और विभागीय स्तर पर कार्रवाई रोक दी गई।

जींद की बेटी नीरू ढांडा ने रचा इतिहास: एशियन गेम्स में तोड़ा एशियाई रिकॉर्ड, जीता गोल्ड मेडल | neeru-dhanda-wins-gold-medal-asian-games-2026-womens-trap-shooting
जींद की बेटी नीरू ढांडा ने रचा इतिहास: एशियन गेम्स में तोड़ा एशियाई रिकॉर्ड, जीता गोल्ड मेडल

डॉ ख्यालिया ने आरोप लगाया कि

“राजनीतिक इच्छा शक्ति तो दिखाई दी, लेकिन ब्यूरोक्रेसी ने इसे लागू नहीं होने दिया। इसलिए डॉक्टरों को मजबूर होकर हड़ताल करनी पड़ी।”

अस्पतालों ने की वैकल्पिक तैयारियां, मरीजों की भीड़ फिर भी बढ़ी

पंचकूला सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ आर एस चौहान ने दावा किया कि अस्पताल में जरूरी सेवाएं जारी हैं।
उन्होंने बताया कि अतिरिक्त डॉक्टरों को मुलाना मेडिकल यूनिवर्सिटी से बुलाया गया है, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।

सुबह से अस्पतालों में लंबी कतारें दिखाई पड़ीं।
हालांकि कई मरीजों ने कहा कि उन्हें इलाज मिल रहा है, बस इंतजार अधिक करना पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का नजरिया: यह स्थिति क्यों जरूरी और जोखिमभरी

स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञों का मानना है कि
यदि कैडर प्रोग्रेसन और भर्ती नीति साफ नहीं होती,

  • अनुभवी डॉक्टरों का मनोबल गिरता है

    वीटा और अमूल की सप्लाई पर संकट: हरियाणा के पशुपालकों ने किया 1 से 3 अक्टूबर तक हड़ताल का ऐलान | haryana-milk-supply-strike-october-sirsa-farmers-vita-amul
    वीटा और अमूल की सप्लाई पर संकट: हरियाणा के पशुपालकों ने किया 1 से 3 अक्टूबर तक हड़ताल का ऐलान
  • सार्वजनिक अस्पतालों में कर्मचारी कमी और बढ़ सकती है

  • निजी अस्पतालों की ओर मरीजों का झुकाव होगा

एक स्वास्थ्य अर्थशास्त्री के अनुसार

“हरियाणा जैसे राज्यों में डॉक्टरों की कमी पहले से चुनौती है। यदि लंबे समय तक हड़ताल रही तो ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक असर दिखेगा।”

अगर मांगें न मानी गईं तो आंदोलन बढ़ सकता है

डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन अनिश्चितकाल तक बढ़ाया जा सकता है।
सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उम्मीद है कि बातचीत की कोशिशें जल्द शुरू हों।

क्यों मायने रखती है यह खबर

  • हरियाणा में स्वास्थ्य ढांचे पर पहले से दबाव है

    कम बारिश के बीच करनाल-कुरुक्षेत्र ने कैसे बचाई फसल, जानिए उत्पादन के पूरे आंकड़े | haryana-monsoon-2026-paddy-production-loss-drought-impact-district-wise-report
    कम बारिश के बीच करनाल-कुरुक्षेत्र ने कैसे बचाई फसल, जानिए उत्पादन के पूरे आंकड़े
  • 3,000 से अधिक डॉक्टरों का एक साथ विरोध राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चुनौती

  • यह मामला बताता है कि नीतियों को लागू करने में देरी जनता तक सीधा असर डालती है

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment