चंडीगढ़. हरियाणा सरकार स्कूल न जाने वाले 18 साल तक के दिव्यांग बच्चों को 2400 रुपये महीना आर्थिक सहायता दे रही है। 50 से कम आईक्यू वाले बच्चे इसके लिए पात्र हैं। जानिए आवेदन और दस्तावेजों की पूरी जानकारी।
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। अक्सर देखा जाता है कि दिव्यांग बच्चों की देखभाल और उनकी दवाइयों के खर्च के चलते मध्यम और गरीब वर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ जाता है।
इसी चिंता को दूर करने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने एक अहम कदम उठाया है। अब राज्य में 18 साल तक के उन दिव्यांग बच्चों को हर महीने 2400 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी जो स्कूल जाने में असमर्थ हैं।
किन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ
सरकार ने इस योजना का लाभ सही और जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने के लिए कुछ नियम तय किए हैं। यह सहायता राशि केवल उन्हीं बच्चों को मिलेगी जो मानसिक या शारीरिक रूप से स्कूल जाने में सक्षम नहीं हैं।
पात्रता की मुख्य शर्तें
बच्चे की उम्र 0 से 18 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
बच्चा किसी भी स्कूल में शिक्षा ग्रहण नहीं कर रहा हो।
बच्चे का आईक्यू लेवल (बुद्धि लब्धि) 50 से कम होना चाहिए।
सिविल सर्जन द्वारा जारी किया गया मंदबुद्धि प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
बच्चा हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए।
सिरसा में 615 बच्चों को मिल रहा फायदा
योजना का असर जमीनी स्तर पर भी दिखने लगा है। आंकड़ों के मुताबिक अकेले सिरसा जिले में ही 615 बच्चे इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। बाल विकास विशेषज्ञों का मानना है कि मंदबुद्धि बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है।
सरकार द्वारा दी जाने वाली यह राशि अभिभावकों को बच्चों के लिए पौष्टिक आहार और जरूरी दवाइयां खरीदने में मदद करेगी। इससे ये बच्चे परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं बनेंगे और सम्मान के साथ जीवन जी सकेंगे।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
अगर आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आपको अपना आवेदन पत्र तैयार करना होगा। आवेदन के समय कुछ दस्तावेजों का होना अनिवार्य है। इन कागजों को तैयार रखें
परिवार पहचान पत्र (Family ID)
बच्चे का आधार कार्ड
सिविल सर्जन द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट
जन्म प्रमाण पत्र
बैंक पासबुक की कॉपी
राशन कार्ड
अभिभावक का शपथ पत्र (बच्चा स्कूल नहीं जाता है)
आवेदन की प्रक्रिया हुई आसान
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है। सबसे पहले आपको विभाग के ऑनलाइन पोर्टल या अंत्योदय केंद्र के माध्यम से फॉर्म भरना होगा। ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद उसका प्रिंट आउट निकालें। इस प्रिंट आउट के साथ सभी जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी लगाएं और इसे अपने जिले के जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाएं।
दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद विभाग द्वारा मंजूरी दी जाएगी। एक बार अप्रूवल मिलने के बाद सहायता राशि सीधे बच्चे या अभिभावक के बैंक खाते में हर महीने ट्रांसफर कर दी जाएगी।











