Haryana Health Centres: हरियाणा सरकार ग्रामीण इलाकों में 330 नए उप-स्वास्थ्य केंद्र खोल रही है। मार्च 2026 तक पूरा होने वाली इस परियोजना से टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल और प्राथमिक इलाज जैसी सेवाएं गांवों में ही उपलब्ध होंगी।
चंडीगढ़ — हरियाणा सरकार ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है। राज्य की नायब सैनी सरकार अब 330 नए उप-स्वास्थ्य केंद्र (Sub Health Centres) स्थापित करने की तैयारी में है। यह कदम उन लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए राहत लेकर आएगा, जिन्हें अब तक प्राथमिक इलाज के लिए जिला मुख्यालय या शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था।
निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है Haryana Health Centres
जिला परिषदों के माध्यम से नए भवनों का निर्माण कराया जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
255 केंद्रों का निर्माण कार्य पहले से शुरू है
इनमें से 9 केंद्र पूरी तरह तैयार हो चुके हैं
शेष 75 केंद्रों के लिए टेंडरिंग और अन्य अनुमोदन प्रक्रियाएं चल रही हैं
सरकार का लक्ष्य है कि सभी 330 केंद्र मार्च 2026 तक तैयार कर लिए जाएं
एक उप-स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग 55 लाख रुपये तक का खर्च आएगा
पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश हैं।
पंचायती राज मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य से जुड़ी परियोजनाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं, और विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि सभी मानकों का पालन हो।
गांवों के लिए क्या बदल जाएगा?
नई उप-स्वास्थ्य इकाइयों में ग्रामीणों को रोजमर्रा की कई ज़रूरी सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी।
इन केंद्रों पर:
टीकाकरण
गर्भवती महिलाओं और बच्चों से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाएं
प्राथमिक इलाज
स्वास्थ्य शिक्षा
नियमित जांचें
जैसी सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी।
पहले इन केंद्रों पर अधिकतर ANM (सहायिका नर्स मिडवाइफ) और MPHW (पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता) तैनात किए जाते थे। लेकिन नई व्यवस्था में सरकार इन्हें और सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठा रही है।
अब नियुक्त होंगे CHO और MLHP
स्वास्थ्य मंत्रालय की नई नीति के तहत हर केंद्र पर:
मध्यस्तरीय स्वास्थ्य प्रदाता (MLHP)
कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO)
भी तैनात किए जाएंगे। इससे मरीजों को पहले स्तर पर ही बेहतर सलाह और इलाज मिल सकेगा। हर केंद्र में 3–4 कमरे होंगे जहां OPD, टीकाकरण, परामर्श और बुनियादी परीक्षण जैसी सेवाएं दी जाएंगी।
गांवों की सेहत पर बड़ा असर — क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्तर पर ही अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल जाएं, तो गंभीर बीमारियों की संख्या काफी हद तक कम हो सकती है।
एक सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार,
“हरियाणा के कई गांवों में दूरी और संसाधनों की कमी के कारण लोग समय पर इलाज नहीं ले पाते। उप-स्वास्थ्य केंद्रों का यह नेटवर्क ग्रामीण स्वास्थ्य के पूरे मॉडल को बदल सकता है।’’
इस पहल से:
गांवों से शहरों की ओर स्वास्थ्य निर्भरता कम होगी
सामान्य बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही हो सकेगा
गर्भवती महिलाओं और बच्चों की देखभाल में सुधार होगा
स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान और सस्ती होगी
राज्य सरकार का मानना है कि यह परियोजना ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे में एक लंबे समय का निवेश है, जिसका लाभ आने वाले वर्षों तक लोगों को मिलता रहेगा।













